हिंदी न्यूज़ – आम चुनाव से पहले EVM की सभी चिंताओं को दूर करेंगे: मुख्य चुनाव आयुक्त-CEC OP Rawat meeting with all party representatives CEC says all concerns regarding EVMs will be resolved CEC said return of ballot will bring back booth capturing

मुख्य चुनाव आयुक्त ओ पी रावत ने कहा है कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में गड़बड़ी संबंधी तमाम राजनीतिक दलों की चिंताओं पर चुनाव आयोग गंभीरतापूर्वक संज्ञान लेते हुए आम चुनाव से पहले इनका निराकरण करेगा.

रावत ने आयोग की ओर से सभी राष्ट्रीय और राज्यस्तरीय मान्यता प्राप्त दलों के प्रतिनिधियों के साथ चुनाव प्रक्रिया को दुरुस्त करने के मुद्दे पर सोमवार को हुई बैठक के बाद बताया, ‘ईवीएम में गड़बड़ियों की शिकायतों पर आयोग ने व्यापक नज़रिया अपनाते हुए संज्ञान लिया है. इस बारे में सभी तरह की शंकाओं का समाधान किया जाएगा.’

कांग्रेस सहित तमाम अन्य दलों की ओर से मतपत्र से मतदान कराने की मांग के सवाल पर रावत ने कहा, ‘कुछ दलों का कहना था कि मतपत्र पर वापस लौटना अच्छा नहीं होगा, क्योंकि हम नहीं चाहते हैं कि बूथ कैप्चरिंग का दौर वापस आए. हालांकि कुछ दलों की ओर से ईवीएम और वीवीपेट में कुछ समस्याएं होने की बात कही गयी, इन सभी पहलुओं को आयोग ने संज्ञान में लिया है और इस बारे में हम संतोषजनक समाधान देने के लिए आश्वस्त करते हैं.’

रावत ने स्पष्ट किया कि सभी दलों की ईवीएम, वीवीपेट और अन्य मसलों से जुड़ी सभी चिंताओं पर आयोग समग्र नज़रिया अपनाते हुए संतोषजनक हल प्रदान करेगा. सोमवार की बैठक के प्रमुख नतीजों के बारे में उन्होंने कहा कि सभी राजनीतिक दलों ने चुनाव प्रक्रिया को विश्वसनीय और बेहतर बनाने के लिए सकारात्मक सुझाव दिए हैं. आयोग इन पर विस्तार से विचार कर इन्हें प्रभावी तौर पर लागू करने की दिशा में सभी ज़रूरी कदम उठाएगा.बैठक में ‘एक देश एक चुनाव’ के मुद्दे पर चर्चा होने के सवाल पर रावत ने कहा, ‘कुछ दलों ने ये मुद्दा उठाया और कुछ दलों ने इसका विरोध किया. आयोग की तरफ से इस मामले में बहुत कुछ कहा जा चुका है. इस मामले में अच्छी बहस चल रही है.’

उन्होंने बताया कि कुछ दलों ने प्रत्याशियों की तरह राजनीतिक दलों के चुनावी खर्च की भी सीमा तय करने का सुझाव दिया. इस दिशा में कानूनी पहल करने के बारे में आयोग विचार करेगा.

बैठक में सभी सात राष्ट्रीय और 51 राज्य स्तरीय मान्यता प्राप्त दलों के 41 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया. कांग्रेस, एसपी, बीएसपी, तृणमूल कांग्रेस और आम आदमी पार्टी सहित तमाम विपक्षी दलों ने मतपत्र से चुनाव कराने का सुझाव दिया.

बैठक के बाद समाजवादी पार्टी के रामगोपाल यादव ने कहा, ‘हमारी पार्टी ने भी मतपत्र से चुनाव कराने की तरफदारी की है, लेकिन मैं ये जानता हूं कि आयोग ये मांग नहीं मानेगा. इसलिए हमने सुझाव दिया कि जिस मतदान केन्द्र पर प्रत्याशी या उसके एजेंट को ईवीएम पर शक हो, उसके मतों का मिलान वीवीपेट मशीन की पर्ची से अनिवार्य किया जाना चाहिए.’

आम आदमी पार्टी के राघव चड्ढा ने कहा कि उन्होंने उच्चतम न्यायालय के आदेशानुसार मतदान शतप्रतिशत वीवीपेट युक्त ईवीएम से सुनिश्चित करने, 20 फीसदी मशीनों के मतों का मिलान वीवीपेट की पर्ची से करने और प्रत्येक प्रत्याशी की पसंद से किसी एक ईवीएम के मतों का मिलान वीवीपेट की पर्ची से करने को अनिवार्य बनाने का सुझाव दिया है.

सीपीआई के अतुल कुमार अनजान ने बताया कि उन्होंने बैठक में बीजेपी और टीडीपी सहित सिर्फ तीन दलों ने ईवीएम के बजाय मतपत्र से मतदान कराने की मांग का विरोध किया. उन्होंने बताया कि बैठक में चुनावी खर्च की सीमा तय करने और नेपाल की तर्ज़ पर समानुपातिक प्रतिनिधितत्व पद्धति से भारत में भी चुनाव कराने के सुझाव पेश किए गए.

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