हिंदी न्यूज़ – क्या बीजेपी के साथ गठबंधन की बातचीत रोकने के लिए समय पूर्व चुनाव कराना चाहते हैं चंद्रशेखर राव?-Is KCR Advancing State Polls to Fend off Talks About Alliance With BJP in 2019?

मुख्यमंत्री चंद्रशेकर राव के नेतृत्व में तेलंगाना की सत्ताधारी पार्टी तेलंगाना राष्ट्र समीति (टीआरएस) रविवार को हैदराबाद में 25 लाख लोगों की विशाल रैली का आयोजन करने जा रही है. माना जा रहा है कि केसीआर यानी चंद्रशेखर राव इस दिन से चुनाव का बिगलु बजा देंगे. हालांकि तेलंगाना विधानसभा का कार्यकाल अगले साल लोकसभा के कार्यकाल के साथ समाप्त होगा लेकिन ऐसी अफवाहें हैं कि राज्य में इस साल छत्तीसगढ़, राजस्थान और मिजोरम के साथ ही चुनाव हो सकते हैं.

तेलंगाना में जनता अब भी टीआरएस सरकार के नजर आ रही है और केसीआर राज्य में सबसे लोकप्रिय एवं शक्तिशाली नेता हैं. 2014 में अपनी लोकप्रियता के दम पर केसीआर राज्य में सत्ता में आए. पिछले 50 महीनों में कई लोक-कल्याणकारी योजनाएं चलाकर उन्होंने अपनी लोकप्रियता को बढ़ाने की कोशिश की है.

लेकिन राज्य में सबकुछ ठीक नही है. एक चतुर राजनेता के तौर पर केसीआर ने महसूस किया कि सरकार द्वारा कई जन-कल्याणकारी योजनाएं चालने के बावजूद मतदाता आखिरी वक्त में अपना मन बदल सकता है इसलिए वह चुनावों को पहले कराकर उन्हें आश्चर्यचकित करना चाहते हैं.

दूसरा बीजेपी लोकसभा चुनाव के लिए केसीआर के साथ गठबंधन करना चाहती है और वह इस स्थिति में नहीं हैं कि बीजेपी की मांग को ठुकरा सकें.केसीआर इस बात से भली भांति परिचित हैं कि यदि वे लोकसभा एवं विधानसभा चुनाव में बीजेपी के साथ गठबंधन करते हैं तो इसके क्या परिणाम होंगे. उनका सोचना है कि समय से पहले विधानसभा चुनाव कराकर वह राज्य के हितों की रक्षा कर सकते हैं.

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तेलंगाना में लगभग 13% मुस्लिम और 2% ईसाई वोट हैं. इनमें से अधिकांश ने 2014 के चुनाव में और बाद के उप-चुनाव में टीआरएस का समर्थन किया था. अगर टीआरएस बीजेपी के साथ गठबंधन करती है तो ये वोटर्स कांग्रेस के पक्ष में जाकर उन्हें फायदा पहुंचा सकते हैं.

राजनीतिक विशेषज्ञों के मुताबिक केसीआर समय पूर्व चुनाव कराकर सुरक्षित खेलना चाहते हैं, भले ही लोकसभा चुनाव में गठबंधन बुरी तरह फेल हो जाए लेकिन कम से कम राज्य में उनका आधार सुरक्षित रहेगा.

टीआरएस के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि केसीआर राज्य में समय पूर्व विधानसभा चुनाव करा सकते हैं. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनावों में बीजेपी के साथ गठबंधन नहीं किया जाएगा. तेलंगाना कांग्रेस के अध्यक्ष उत्तम कुमार रेड्डी ने बताया कि कांग्रेस खुद को ग्रामीण इलाकों में मजबूत कर रही है.

पिछले चुनाव में केसीआर का समर्थन करने वाली शक्तिशाली रेड्डी जाति अगले चुनाव में अपने नेता उत्तम कुमार रेड्डी का समर्थन कर सकती है. उत्तम कुमार रेड्डी का दावा है कि अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के वोटर्स वापस कांग्रेस की तरफ लौट रहे हैं. अल्पसंख्यकों, रेड्डी, एससी/एसटी और ओबीसी वोटों के साथ कांग्रेस टीआएस के लिए मुश्किल खड़ी कर सकती है.

केसीआर समय पूर्व चुनाव कराकर कांग्रेस को झटका देना चाहते हैं ताकि कांग्रेस की योजना धरी की धरी रह जाए.

पिछले चार सालों में केसीआर ने टीडीपी और वाईएसआरसीपी को खत्म करके अनजाने में ही राज्य की राजनीतिक को द्वि-ध्रुवीय बना दिया है. इसी को देखते हुए वाईएसआरसीपी अगले चुनाव में कांग्रेस के साथ जा सकती है. इसके अलावा राज्य में मामूली प्रभाव रखने वाली वामपंथी पार्टियां भी कांग्रेस के साथ जा सकती हैं, जो कि कांग्रेस को मजबूत बनाएगी. असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एमआईएम हैदराबाद में काफी मजबूत है और यदि किसी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलता है तो वह किंग मेकर की भूमिका में उभर सकती है.

आंध्रप्रदेश के पूर्व गृह मंत्री एम वाई रेड्डी ने बताया कि 2014 में केसीआर की जीत का कारण कांग्रेस, टीडीपी, वाईएसआरसीपी एवं वामपंथी दलों के बीच वोटों का विभाजन था. लेकिन अब कांग्रेस को छोड़कर राज्य में किसी दल की स्थिति मजबूत नहीं रह गई है. अब राज्य में केसीआर और कांग्रेस के बीच सीधी लड़ाई है. यदि दूसरी पार्टी के कार्यकर्ता कांग्रेस के साथ जाते हैं तो यह टीआरएस के लिए मुश्किल खड़ी कर सकता है.

हालांकि चुनाव में किसका पलड़ा भारी पड़ेगा इसके लिए इंतजार के सिवा कुछ नहीं किया जा सकता.

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