हिंदी न्यूज़ – सिंधु घाटी के दोनों तरफ दौरा कराने पर सहमत हुए भारत-पाक/Indo Pak agreed to tour on both sides of Indus Valley

सिंधु घाटी के दोनों तरफ दौरा कराने पर सहमत हुए भारत-पाक

File photo of the Indus river.

भाषा

Updated: August 31, 2018, 10:21 PM IST

भारत और पाकिस्तान सिंधु जल संधि के प्रावधानों के तहत अपने-अपने आयुक्तों के सिंधु धाटी का दोनों तरफ दौरा कराने की बात पर सहमत हुए हैं. यह निर्णय जम्मू-कश्मीर में पाकल दुल और निचली कलनाई समेत विभिन्न पनबिजली परियोजनाओं से जुड़े मुद्दों को हल करने के लिए लिया गया है.

नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि सिंधु जल संधि के बारे मे दो दिनों की उच्च स्तरीय बैठक में 1960 की इस संधि के तहत आने वाले मुद्दों पर सिंधु नदी स्थायी आयोग की भूमिका मजबूत करने पर चर्चा हुई. यह 18 अगस्त को इमरान खान के पाकिस्तान का प्रधानमंत्री बनने बाद दोनों देशों के बीच यह पहली आधिकारिक बैठक थी.

मंत्रालय ने कहा कि दोनों देश संधि के तहत दोनों तरफ पड़ने वाले सिंधु थाला क्षेत्र का दौरा आयोजित कराने पर सहमत हुए हैं.

इस बात पर भी सहमति जताई गई कि आपसी सहमति से तय तारीख को अगली बैठक भारत में की जाएगी.पाकिस्तान की मीडिया खबरों के अनुसार, भारत ने पाकिस्तान की आपत्तियों को दूर करने के लिए उसके विशेषज्ञों को चिनाब नदी पर बन रही पाकलदुल (1000 मेगा वाट) और निचली कलनाई जलविद्युत परियोजना (48 मेवा) क्षेत्र का दौरा करने का निमंत्रण दिया है. हालांकि भारत ने पनबिजली परियोजनाओं के निर्माण को लेकर पाकिस्तान की आपत्तियों को खारिज कर दिया.

एक अधिकारी ने कहा, ‘भारत ने दोनों पनबिजली परियोजनाओं पर काम जारी रखने का संकेत दिया है.’

पाकिस्तान के जल संसाधन सचिव एस अहमद ख्वाजा ने समाचार पत्र डान से कहा, ‘लाहौर में दो दिन की बातचीत की यह बड़ी सफलता है कि भारत ने परियोजना स्थलों पर हमारे विशेषज्ञों को आने की अनुमति दी है. इसलिए हमारे विशेषज्ञ अगले महीने के अंत तक भारत की यात्रा करेंगे.’

उन्होंने कहा कि हमारे विशेषज्ञ परियोजना स्थल का निरीक्षण करेंगे और यह देखेंगे कि सिंधु जल संधि (आईडब्ल्यूटी) के तहत निर्माण हो रहा है कि नहीं.

 

और भी देखें

Updated: August 31, 2018 12:34 PM ISTVIDEO : ये है भोपाल की कोहेफिज़ा पुलिस…

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *