हिंदी न्यूज़ – Gita ‘Non-religious’, Not Wrong to Distribute it at Educational Institutions: Maharashtra Minister-महाराष्ट्र के मंत्री बोले- गीता धार्मिक किताब नहीं, फिर स्कूलों में बांटने पर विवाद क्यों?

महाराष्ट्र के स्कूलों और कॉलेजों में भगवद् गीता बांटे जाने के मामले पर महाराष्ट्र के शिक्षा मंत्री विनोद तावड़े ने सफाई दी है. उनका कहना है कि गीता ‘गैर-धार्मिक’ ग्रन्थ है और ये जीवन जीने की राह दिखाती है. इसलिए शिक्षण संस्थानों और स्कूलों में गीता बांटने में कोई बुराई नहीं है. इसे सांप्रदायिकता से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए.

महाराष्ट्र के शिक्षा मंत्री विनोद तावड़े ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा, ‘भिवंडी स्थित भक्ति वेदांत नाम के एक ट्रस्ट ने कॉलेजों में गीता बांटने का प्रस्ताव रखा था. इसके बाद हमारी तरफ से उन्हें एक कॉलेजों की लिस्ट मुहैया करा दी गई.’ उन्होंने कहा, ‘अगर कुछ दिन बाद कुरान और बाइबिल के बांटे जाने की भी मांग होगी, तो हम उसे जरूर बांटेंगे.’

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तावड़े ने ये बातें शनिवार को दक्षिण मुंबई के गिरगांव में भक्तिवेदांता विद्यापीठ रिसर्च सेंटर की शुरुआत करते हुए कही. उन्होंने कहा, ‘आज भागवद् गीता बांटने का मतलब सांप्रदायिक होना हो गया है. हम ऐसी मानसिकता से ऊपर कब उठेंगे? यहां तक कि क्लास 1 का बच्चा भी गीता से कई शिक्षाएं सीख सकता है.’

उन्होंने कहा, ‘गीता, वेद, उपनिषद् कोई धार्मिक किताबें नहीं हैं, ये दार्शनिक और वैज्ञानिक किताबें हैं. इसलिए इन किताबों को मंदिर से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए. इन्हें आम आदमी के जीवन से जोड़कर देखना चाहिए, क्योंकि इन किताबों की बातों से अच्छे कर्म करने की प्रेरणा मिलती है.’

दरअसल, राज्य सरकार ने NAC के ए और ए प्लस स्कूल में श्रीमदभगवद् गीता बांटने का सर्कुलर जारी किया है. इसके बाद इस सर्कुलर के विरोध में महाराष्ट्र समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और विधायक अबू आजमी ने बीजेपी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि राज्य सरकार केवल गीता की क्यों बंटवा रही हैं, कुरान और बाइबल भी बंटवा दे.’

आजमी ने यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार द्वारा धर्म के नाम पर लोगों को गुमराह किया जा रहा है. बीजेपी 2019 के लोकसभा चुनावों को लेकर वोटों का ध्रुवीकरण करना चाहती हैं.

इसके बाद विनोद तावड़े ने बयान दिया कि गीता कोई धार्मिक किताब नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि गीता को मंदिर से जोड़कर सांप्रदायिक रूप देने की कोशिश की जा रही है.

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