हिंदी न्यूज़ – जस्टिस गोगोई ने CJI के खिलाफ उठाई थी आवाज, फिर भी क्यों बनेंगे अगले CJI? । Ranjan Gogoi likely to be next CJI, What is the process for it

जनवरी में वर्तमान CJI दीपक मिश्रा के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के चार सबसे वरिष्ठ जजों के खिलाफ मिलकर झंडा बुलंद करने वाले जस्टिस रंजन गोगोई का नाम CJI दीपक मिश्रा ने अगले चीफ जस्टिस के पद के लिेए जस्टिस रंजन गोगोई के नाम की सिफारिश की है. ऐसे में उनका अगला CJI बनना लगभग तय है. उनके अगले CJI होने की बात पर मुहर केंद्र सरकार की स्वीकृति के बाद लग जाएगी. ऐसे में वे 3 अक्टूबर को शपथ लेंगे. मौजूदा मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा 2 अक्टूबर को सेवानिवृत्त होने वाले हैं. अगला CJI बनने के बाद जस्टिस रंजन गोगोई करीब 1 साल 1 महीने अपने पद पर रहेंगे और 17 नवंबर, 2019 को रिटायर होंगे.

कैसे होती है चीफ जस्टिस की नियुक्ति
अगले CJI को तय करने की जिम्मेदारी तत्कालीन CJI की होती है. जिसके लिए कानून मंत्रालय CJI से अपने उत्तराधिकारी का नाम भेजने की सिफारिश करता है. जिसके बाद CJI पत्र लिखकर अपने उत्तराधिकारी के नाम की सिफारिश सरकार से करता है. परंपरानुसार इसकी प्रक्रिया CJI अपने रिटायरमेंट के दिन से एक महीने पहले शुरू करता है. चूंकि वर्तमान CJI दीपक मिश्रा 2 अक्टूबर को रिटायर होने वाले हैं. अत: अपने रिटायरमेंट की डेट से एक महीने पहले उन्हें अपने उत्तराधिकारी का नाम सरकार को भेजना था. चूंकि मौजूदा चीफ जस्टिस के बाद सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस गोगोई ही सबसे सीनियर जज हैं तो CJI दीपक मिश्रा ने केंद्र सरकार से उन्हीं के नाम की सिफारिश की. क्योंकि CJI के लिए भी यह अलिखित परंपरा है कि वह अपने बाद के सीनियरमोस्ट जज का नाम ही चीफ जस्टिस के पद के लिए भेजता है.

केंद्र सरकार की स्वीकृति के बाद क्या होगा?अब केंद्र सरकार को जस्टिस गोगोई के नाम को CJI के पद के लिए अनुमति देनी है. केंद्र सरकार उनके नाम पर विचार करेगी और केंद्र की अनुमति के बाद वे देश के 46वें CJI के तौर पर अपना कार्यभार संभालेंगे. इसके लिए वर्तमान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद उन्हें मुख्य न्यायाधीश के पद के लिेए पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे.

वैसे यह भी बताते चलें कि मौजूदा CJI दीपक मिश्रा के लिए कार्यालय का अंतिम दिन 1 अक्टूबर होगा क्योंकि 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के चलते राष्ट्रीय अवकाश रहेगा.

40 साल पहले बार के सदस्य बने थे जस्टिस गोगोई
1954 में जन्में जस्टिस गोगोई की उम्र फिलहाल 64 साल है. वे 1978 में पहली बार बार के सदस्य बने थे. 2001 में उन्हें गुवाहाटी हाईकोर्ट का जज बनाया गया था. 12 फरवरी, 2011 को जस्टिस गोगोई का ट्रांसफर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में बतौर चीफ जस्टिस कर दिया गया. 28 फरवरी, 2001 को जस्टिस गोगोई को सुप्रीम कोर्ट में नियुक्त किया गया.

CJI दीपक मिश्रा के खिलाफ उठाई थी आवाज
जस्टिस कुरियन जोसेफ सुप्रीम कोर्ट के उन चार सीनियरमोस्ट जजों में शामिल थे जिन्होंने प्रेस कांफ्रेंस करके रोस्टर तय करने के मामले में CJI दीपक मिश्रा पर सवाल उठाया था. रोस्टर वह प्रक्रिया होती है जिसके तहत किसी मामले की सुनवाई में बेंच का निर्धारण किया जाता है. उनके अलावा इस मामले में आवाज उठाने वाले तीन और जज जस्टिस जे चेलमेश्वर (अब रिटायर), जस्टिस कुरियन जोसेफ और जस्टिस मदन बी. लोकुर थे. इन्होंने मिलकर सार्वजनिक रूप से CJI दीपक मिश्रा की आलोचना की थी.

जस्टिस गोगोई के अलावा किसी और का चयन क्यों नहीं?
इस बात के बहुत कयास लगाए जा रहे थे कि CJI, अगले चीफ जस्टिस के नाम के लिए किसी भी योग्य जज का नाम सुझा सकता है और जस्टिस गोगोई उनके खिलाफ रोस्टर की प्रक्रिया पर सवाल उठाने वाले जजों में से रहे हों तो हो सकता है CJI उनका नाम अगले चीफ जस्टिस के लिए न सुझाएं. इसके अलावा कुछ दिनों पहले रिटायर हुए सुप्रीम कोर्ट के सीनियरमोस्ट जजों में से एक रहे जस्टिस जे चेलमेश्वर ने भी एक सवाल का जवाब देते हुए कहा था, “अगर जस्टिस गोगोई को अगला CJI नहीं बन पाये तो समझ लेना सारे शक सच हो गए.” ऐसे में परंपरागत रूप से जस्टिस गोगोई के ही नाम को आगे बढ़ाया गया क्योंकि अगर कोई दूसरा नाम सुझाया जाता तो ऐसे में CJI दीपक मिश्रा पर अपनी शक्तियों के गलत ढंग से इस्तेमाल या सरकार यानि कार्यपालिका पर न्यायपालिका में दखल देने के आरोप लग सकते थे.

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