हिंदी न्यूज़ – सबरीमाला मंदिर के पास पंबा नदी का रौद्र रूप, भक्तों ने कहा- भगवान हैं नाराज़- Turbulent Pamba Destroys Bridges Leading to Sabarimala, Devotees Call Destruction God’s Wrath

पिछले महीने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) में पार्ट टाइम गैर-आधिकारिक निदेशक बने एस गुरुमूर्ति की सोशल मीडिया पर जम कर आलोचना हुई थी. उन्होंने अपने ट्वीट से इशारा किया था कि केरल में बाढ़ सबरीमाला के भगवान की नाराज़गी की वजह से आई है. पंबा नदी के आस-पास रह रहे लोंगो का भी ऐसा ही मानना है.

केरल के सबरीमाला मंदिर में 10 साल से 50 साल की उम्र की महिलाओं के प्रवेश पर रोक लगी हुई है. फिलहाल इस मामले की सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है.

पंबा नदी के किनारे हिल टॉप पार्किंग के पास एक रस्टोरेंट चलाने वाले वेणुगोपाल का कहना है कि महिलाओं को पवित्र मंदिर में जाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए.

वेणुगोपाल ने तर्क दिया “अगर आप देवताओं द्वारा पहले से लिखे गए नियमों को नहीं मानेंगे तो इसका असर तो होगा ही. अब आप और क्या देखना चाहते हैं? क्या आप चाहते हैं कि लोग मर जाएं?”सबरीमाला मंदिर में भगवान अयप्पा रहते हैं. पिछले महीने केरल में भयंकर बाढ़ आई थी. पंबा नदी में बाढ़ के चलते दो अहम पुल ध्वस्त हो गए जिसके चलते मंदिर को भारी नुकसान उठाना पड़ा. पुल के चारों तरफ लगभग 10 फीट की मोटी रेत की परत जमा हो गई है. बड़े-बड़े पेड़ उखड़ गए हैं. फुट-ओवरब्रिज, आराम करने वाले क्षेत्र, यहां के शौचालय सब कुछ पूरी तरह नष्ट हो गया है.

हिल टॉप पार्किंग का इलाक़ा

वेणुगोपाल ने कहा, “महिलाओं को मंदिर में प्रवेश से रोका नहीं गया है. सिर्फ एक खास उम्र की महिलाओं को यहां आने की इजाजत नहीं है. किसी ने ये नहीं कहा है कि भगवान महिलाओं के नहीं होते हैं. ये वो भूमि है जिस पर भगवान अयप्पन चल कर आए थे. वो यहां ध्यान और मोक्ष के लिए आए थे. यहीं वजह है कि हर वक्त हर किसी को मंदिर में आने की अनुमति नहीं है.” इनसे बात करने वाली इस रिपोर्टर को भी नदी के तट पर टहलने से मना किया गया. कहा गया कि वो पहले पुलिस से अनुमति लें.

चिंगम का मलयालम महीना हिंदुओं के लिए बेहद खास है. इस दौरान यहां भारी संख्या में श्रद्धालु आते हैं. लेकिन मंदिर खुले होने के बावजूद यहां लोग नहीं आ पाए.

वेणुगोपाल ने हिल टॉप पार्किंग की ओर इशारा किया, जो अब पूरी तरह से मलबे से भरा हुआ है. उन्होंने कहा, ”आप सब चाहते हैं कि महिलाओं को मंदिर जाने की अनुमति दी जाए. अब देखिए भगवान ने खुद फैसला किया कि कोई भी यहां प्रवेश नहीं करेगा. अगर भगवान चाहते तो वो इसे पूरी तरह से नष्ट कर सकते थे. मेरा रेस्टोरेंट पार्किंग के बहुत करीब है लेकिन इसके साथ कुछ भी नहीं हुआ. उन्होंने ये सुनिश्चित किया कि किसी की भी जान न जाए.”

पंबा नदी के किनारे चारों तरफ नुकसान

एक और भक्त आनंदन ने कहा कि मंदिर ने इस साल के शुरुआत से ही काफी बुरा समय देखा है. इस साल मंदिर में पूजा के दौरान एक हाथी बेकाबू हो गया जिससे एक पुजारी की मौत हो गई थी. आनंदन के मुताबिक यहां एक बैठक में भविष्यवाणी की गई थी कि कुछ बुरा होने वाला है और हुआ भी वहीं.

ऐसे में अब एक बार फिर से सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश को लेकर नए सीरे से बहस शुरू हो गई है. त्रावणकोर देवासोम बोर्ड, जो मंदिर का प्रबंधन करता है उनके मुताबिक बाढ़ के कारण मंदिर को 100 करोड़ रुपये का नुकसान होने का अनुमान लगाया जा रहा है. चिंगम के दौरान ही श्रद्धालुओं के न आने से मंदिर को करीब 10 करोड़ का नुकसान हुआ है. आराम करने वाले स्थान, वाशरूम, दुकानें सब कुछ बर्बाद हो गया है.

पुल के चारों तरफ लगभग 10 फीट की मोटी रेत की परत

न्यूज़ 18 से बात करते हुए, बोर्ड के कमिश्नर एन वासु ने कहा कि ये नुकसान अभूतपूर्व और पूरी तरह से अप्रत्याशित था. उन्होंने कहा “भक्तों द्वारा इम्तेमाल किया जाने वाला पुल यहां दिख भी नहीं रहा है. नदी ने अपना रास्ता बदल लिया है और मंदिर के पूरे परिसर को तबाह कर दिया है. इस इलाके को ठीक करना बेहद मुश्किल भरा काम होगा.”

दो महीने बाद ही यहां तीर्थयात्रा शुरू होने वाली है. ऐसे में सेना मंदिर के लिए एक अस्थायी पुल बनाने की तैयारी में है. लेकिन फिलहाल सबसे बड़ी समस्या है यहां से मलबे को हटाना. बोर्ड के कमिश्नर के मुताबिक पूरी प्रक्रिया में कम से कम एक महीना लग सकता है.

ये भी पढ़ें:

SC/ST एक्ट का विरोध कौन कर रहा है?

RBI के कर्मचारियों ने टाली 2 दिन की हड़ताल, खत्म हुई आम-आदमी की मुश्किलें

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *