हिंदी न्यूज़ – बीजेपी की राष्‍ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक से गायब रहे ये बड़े नेता, जानिए क्‍या रही वजह-Varun gandhi, shatrughan sinha BS yeddyurappa give a miss to BJP national executive

बीजेपी राष्‍ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में 2019 में होने वाले चुनाव और एससी/एसटी एक्‍ट को लेकर जारी हंगामे पर चर्चा हुई. इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष अमित शाह, वित्‍त मंत्री अरुण जेटली, लालकृष्‍ण आडवाणी सहित कई बड़े नेता मौजूद थे. राष्‍ट्रीय कार्यकारिणी में शामिल लगभग सभी नेता इसमें शामिल हुए लेकिन कुछ बड़े नाम गैरहाजिर रहे.

बैठक में राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, अरुण जेटली, शिवराज सिंह चौहान, सुरेश प्रभु, मनोहर लाल खट्टर, सुषमा स्वराज, सुशील मोदी, गुलाबचंद कटारिया, प्रकाश जावड़ेकर, निर्मला सीतारमन, रविशंकर प्रसाद, अर्जुनराम मेघवाल, रमन सिंह, दिलीप घोष, राहुल सिन्हा, मुरली मनोहर जोशी, वसुंधरा राजे, अशोक परनामी, नित्यानंद राय, मंगल पांडे, राजीव प्रताप रूड़ी,रामेश्वर चौरसिया शामिल थे. बता दें कि राष्‍ट्रीय कार्यकारिणी में राज्‍यों के मुख्‍यमंत्री और अध्‍यक्षों के अलावा दिग्‍गज नेता और केंद्रीय मंत्रियों को जगह मिलती है.

वहीं सुल्‍तानपुर से सांसद वरुण गांधी, पटना साहिब से सांसद शत्रुघ्‍न सिन्‍हा और पूर्व मुख्‍यमंत्री व कर्नाटक बीजेपी के अध्‍यक्ष बीएस येदियुरप्‍पा इस कार्यकारिणी में शामिल नहीं हुए. वरुण गांधी और शत्रुघ्‍न काफी समय से पार्टी से नाराज चल रहे हैं. वहीं येदियुरप्‍पा ने बताया कि वह परिवार में जरूरी काम होने की वजह से कर्नाटक लौट गए. गोवा के मुख्‍यमंत्री मनोहर पर्रिकर भी बीमारी के चलते नहीं आए. वे अमेरिका गए हुए हैं.

इधर, शाह ने पार्टी नेताओं से कहा कि बीजेपी की 19 राज्‍यों में सरकार है और उसका देश के 75 फीसदी हिस्‍से पर शासन है. हमें लापरवाह नहीं होना है और 2019 में पहले से बड़ी जीत के काम करना चाहिए. बीजेपी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी मेकिंग इंडिया के लिए काम कर रही है जबकि कांग्रेस ब्रेकिंग इंडिया में व्‍यस्‍त हैं. शाह ने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि पी चिदम्‍बरम जैसे कांग्रेस नेताओं के दावों को तथ्‍यों के साथ चुनौती दें.पार्टी के राष्ट्रीय पदाधिकारियों और राज्य इकाई के अध्यक्षों की बैठक में ‘अजेय भाजपा’ के नारे को स्‍वीकार किया गया. सूत्रों ने बताया कि पदाधिकारियों की बैठक के दौरान पार्टी शीर्ष नेतृत्व ने इस बात पर जोर दिया कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति से जुड़े मुद्दे पर भ्रम फैलाने का काम किया जा रहा है हालांकि इसका चुनाव पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा.

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