हिंदी न्यूज़ – SC ने असम सरकार से पूछा- परिवार से अलग कर विदेशियों को हिरासत केंद्र में क्यों रखा?-sc asked assam government- why were foreigners separated from their families kept in the custody

SC ने असम सरकार से पूछा- परिवार से अलग कर विदेशियों को हिरासत में क्यों रखा?

supreme court

भाषा

Updated: September 12, 2018, 11:57 PM IST

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार करके असम में उनके परिजनों से अलग रखे जाने पर नाराजगी जताते हुए कहा कि राज्य सरकार को इस पर तत्काल गंभीरता दिखानी चाहिए ताकि परिवार न टूटें. न्यायाधीश मदन बी लोकूर और दीपक गुप्ता की पीठ ने असम की ओर से पेश हुए एडिशनल सॉलिसीटर जनरल (एएसजी) तुषार मेहता से कहा, ‘आप उन्हें उनके परिजनों से ऐसे अलग नहीं कर सकते.’

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पीठ ने अधिवक्ता गौरव अग्रवाल द्वारा पेश किए गए तथ्यों पर गौर करते हुए कहा कि नजरबंद किए गए इन लोगों को परिवारों से अलग नहीं किया जा सकता है. एएसजी ने अदालत से कहा कि नजरबंद लोगों के साथ परिजनों को नहीं रखा जा सकता था. हिरासत केंद्र में परिजनों के लिए आवश्यक इंतजाम किए जा सकते हैं, लेकिन वे वहां स्थान की उपलब्धता के अधीन होंगे.

‘जिन्होंने बनाई सरकार, उनसे छिनेगा वोट का अधिकार’पीठ ने राज्य से हिरासत केंद्र में गैस सिलेंडर समेत अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करने के लिए कहा है. हालांकि केंद्र की ओर से पेश हुए एएसजी एएनएस नादकर्णी ने अदालत को बताया कि पूरे देश में विदेशियों को हिरासत केंद्र में रखने को लेकर वे एक नियमावली को अंतिम रूप देने पर काम कर रहे हैं.

इसपर पीठ ने सरकार से कहा कि वह नियमावली को अतिशीघ्र तैयार करें. एएसजी तुषार मेहता ने पीठ को बताया कि असम के गोलापाड़ा जिले में हिरासत केंद्र के निर्माण के लिए जमीन आवंटित की गई है. साल भर में काम पूरा होने की उम्मीद है. मामले पर केंद्र ने सरकार को बताया कि असम में हिरासत केंद्र के निर्माण के लिए 46.51 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है.

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