हिंदी न्यूज़ – Former Sri Lankan PM Rajapaksa says, ‘What India Does With Rajiv Gandhi Convicts is its Own Matter’-श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे ने कहा- राजीव गांधी के हत्यारों के साथ भारत क्या करेगा, यह उसका मामला

राजीव गांधी के हत्यारों के साथ भारत क्या करेगा, यह उसका मामला- महिंदा राजपक्षे

पूर्व श्रीलंकाई राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे की फाइल फोटो

News18Hindi

Updated: September 13, 2018, 3:00 PM IST

श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे ने कहा है कि राजीव गांधी के हत्यारों के साथ भारत क्या करना चाहिए यह उसका अपना मामला है. श्रीलंका के राष्ट्रपति रह चुके राजपक्षे के कार्यकाल में ही श्रीलंकाई  सेना ने लिबरेशन ऑफ तमिल टाइगर इलम (लिट्टे-LTTE) को खत्म किया था. NEWS18 से राजपक्षे ने कहा, ‘भारत दोषियों के साथ क्या करना चाहता है यह उसका अपना मामला है.’ उन्होंने कहा, ‘मैं इस  हालात पर अलग तरह से निपटता.’

महिंदा राजपक्षे ने गुरुवार को पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की. इस दौरान कांग्रेस नेता आनंद शर्मा भी मौजूद थे. राजपक्षे ने बुधवार को कहा था, ‘जब मैं राहुल से मिलूंगा और अगर वह मुझसे पूछते हैं, (तमिलनाडु सरकार के प्रस्ताव) मैं उनसे इस पर बात करुंगा.’

तमिलनाडु की अन्नाद्रमुक सरकार ने रविवार को राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित से सिफारिश की कि राजीव गांधी हत्याकांड के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे सभी सात दोषियों को रिहा कर दिया जाए. कांग्रेस को छोड़कर राज्य की ज्यादातर राजनीतिक पार्टियों ने इस कदम की तारीफ की है.

यह भी पढ़ें: राजीव गांधी हत्या मामले में 27 सालों से जेल में बंद ये लोग कौन हैं?मत्स्यपालन मंत्री डी. जयकुमार ने पत्रकारों को बताया था कि मुख्यमंत्री ई. पलानीस्वामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस बाबत एक प्रस्ताव स्वीकार किया गया. उन्होंने कहा कि राज्य की कार्यपालिका के प्रमुख की हैसियत से अब राज्यपाल को इस निर्णय को स्वीकार करना है.

कैबिनेट ने संविधान के अनुच्छेद 161 के प्रावधानों के तहत राजीव गांधी हत्याकांड के दोषियों – वी. श्रीहरण उर्फ मुरूगन, टी. सुथंथिरराजा उर्फ संथन, ए.जी.पेरारीवलन उर्फ अरिवू, जयकुमार, रॉबर्ट पायस और नलिनी को रिहा करने का फैसला किया. यह अनुच्छेद राज्यपाल को कुछ मामलों में सजा माफ करने, निलंबित करने और कम करने की शक्ति देता है.

गौरतलब है कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की यहां के निकट श्रीपेरंबदूर में 21 मई,1991 को हत्या कर दी गई थी. इसी मामले में अपनी भूमिका को लेकर सातों दोषी उम्रकैद की सजा काट रहे हैं. (दिव्य कपूर की इनपुट के साथ)

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