हिंदी न्यूज़ – New CJI Justice Ranjan Gogoi Interesting Facts Superme Court

सुप्रीम कोर्ट के सीनियर जज रंजन गोगोई देश के अगले प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) होंगे. मौजूदा चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया दीपक मिश्रा ने अपने उत्तराधिकारी के रूप में जस्टिस रंजन गोगोई के नाम पर राष्ट्रपति ने मुहर लगा दी है. जस्टिस गोगोई 3 अक्टूबर को सीजेआई के रूप में शपथ लेंगे.

आइए जानते हैं, कौन हैं जस्टिस रंजन गोगोई और अब तक कैसा रहा उनका कार्यकाल:-

>>जस्टिस रंजन गोगोई असम से ताल्लुक रखते हैं. उनका जन्म 18 नवंबर 1954 को हुआ. उन्होंने 1978 में वकालत शुरू की. उनकी प्रैक्टिस का ज्यादातर हिस्सा गुवाहाटी में ही रहा.

>>28 फरवरी 2001 को वह गुवाहाटी हाईकोर्ट के जज बनाए गए.जस्टिस रंजन गोगोई होंगे सुप्रीम कोर्ट के अगले चीफ जस्टिस, 3 अक्टूबर को लेंगे शपथ

>>इसके 9 साल बाद 9 सितंबर 2010 को उनका ट्रांसफर पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में हुआ.

>>12 फरवरी 2011 को जस्टिस गोगोई पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस बने.

>>23 अप्रैल 2012 में जस्टिस रंजन गोगोई सुप्रीम कोर्ट के जज बनाए गए.

>>सीजेआई बनने के बाद जस्टिस गोगोई का कार्यकाल एक साल, एक महीने और 14 दिन का होगा. वे 17 नवंबर 2019 को रिटायर होंगे.

जस्टिस रंजन गोगोई के महत्वपूर्ण फैसले
>>सौम्या मर्डर केस में उन्होंने ब्लॉग लिखने वाले जस्टिस काटजू को अदालत में बुला लिया था.

>>पूर्व चीफ जस्टिस पी सदाशिवम, जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई और जस्टिस रंजन गोगोई की बेंच ने ही ईवीएम और बैलेट पेपर में नोटा का विकल्प देने का आदेश दिया था.

सीजेआई के कामकाज पर उठाए थे सवाल
>>सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा जजों में जस्टिस गोगोई को सबसे मुखर जज कहा जाता है. हाल ही में पूर्व जस्टिस जे चेलामेश्वर, मदन लोकुर और कुरियन जोसेफ़ के साथ भारतीय न्यायपालिका के भीतर फैली अव्यवस्था के बारे में एक अभूतपूर्व प्रेस कॉन्फ़्रेंस करके जस्टिस गोगोई ने विवाद खड़ा कर दिया था.

>>इन जजों का आरोप था कि संवेदनशील मामलों को चुनिंदा जजों के पास भेजा जा रहा है और ये लोकतंत्र के लिए एक बड़ा खतरा है. हालांकि, किसी भी जज ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस में ‘बेंच फ़िक्सिंग’ शब्द का इस्तेमाल नहीं किया था. लेकिन उनकी बात का मतलब यही निकाला गया.

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>>इन चार जजों ने सीबीआई के स्पेशल जज बीएच लोया की संदिग्ध मौत के केस को लेकर चिंता ज़ाहिर की थी और रोस्टर पर सवाल उठाए थे.

>> इस केस के बारे में व्यापक रूप से ये अफवाह रही है कि जज की हत्या की गई थी. क्योंकि वो एक ऐसे केस की सुनवाई कर रहे थे, जिसमें सत्ताधारी पार्टी के एक सीनियर नेता का नाम था और कोर्ट का फैसला उनके करियर को प्रभावित कर सकता था.

सीजेआई बनने को लेकर पहले था संशय
>>जस्टिस गोगोई के सीजेआई बनने को लेकर पहले संशय की स्थिति थी. मौजूदा सीजेआई दीपक मिश्रा के बाद जस्टिस रंजन गोगोई सुप्रीम कोर्ट के सबसे सीनियर जज हैं.

>>ऐसे में न्यायिक परंपरा के मुताबिक, जस्टिस गोगोई को ही अगले सीजेआई होते. लेकिन, बीते जनवरी में सीजेआई दीपक मिश्रा के खिलाफ चार सीनियर जजों के प्रेस कॉन्फ्रेंस करने के बाद जस्टिस गोगोई की दावेदारी को लेकर सवालिया निशान लग रहे थे.

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>>हालांकि, रिटायर होते वक्त जस्टिस चेलामेश्वर ने कहा था कि उम्मीद है कि सीजेआई दीपक मिश्रा निजी मामलों के दरकिनार रखते हुए न्यायिक परंपरा का पालन करेंगे.

बहरहाल, अब सीजेआई दीपक मिश्रा की सिफारश पर राष्ट्रपति की मुहर लग गई है. अब जस्टिस गोगोई ही अगले सीजेआई बनेंगे.

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