हिंदी न्यूज़ – RTI के तहत नहीं बताए जा सकते सिविल सर्विसेज एग्जाम के मार्क्स, SC ने खारिज किया रिव्यू पिटीशन- UPSC Marks Can’t be Given Under RTI: Supreme Court Declines to Review its Order

Utkarsh Anand

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Updated: September 15, 2018, 10:35 AM IST

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन यानी UPSC सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम के तहत सिविल सर्विसेज परीक्षा का अंक बताने के लिए बाध्य नहीं है. इस मामले को लेकर रिव्यू पिटीशन आया था. लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने अपने पुराने फैसले को बरकरार रखा है. इस साल फरवरी में सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट के एक पांच साल पुराने फैसले को खारिज़ करते हुए कहा था कि RTI के तहत अंक बताना जरूरी नहीं है.

न्यायमूर्ति उदय यू ललित की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा, “हम समीक्षा याचिकाओं की सारी चीजें देख चुके हैं. हमें इसमें कोई गलतियां नहीं दिख रही है. रिव्यू पिटीशन को खारिज कर रहे हैं.”

इससे पहले फरवरी में जस्टिस आदर्श के गोयल और उदय यू ललित की बेंच ने इस मामले पर अपना पक्ष रखते हुए कहा था कि अंकों को सार्वजनिक करने का गहरा नकरात्मक असर मूल्यांकन प्रक्रिया पर पड़ सकता है. इससे न केवल प्रतिष्ठा बल्कि सिस्टम की अखंडता के साथ समझौता करने के बराबर होगा.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि दूसरे शैक्षणिक निकायों की परीक्षाओं की स्थिति अलग होती है. हालांकि, खंडपीठ ने कहा कि अगर कोई मामला सामने आया है, जहां लगता है कि सार्वजनिक हित में जानकारी देने की आवश्यकता है, तो कोर्ट निश्चित रूप से ऐसा करने के लिए हकदार है.सुप्रमी कोर्ट ने कहा था ‘सूचना का अधिकार, जनहित, सरकार के कुशल कामकाज, वित्तीय संसाधनों का बेहतर उपयोग और संवेदनशील जानकारी की गोपनीयता में संतुलन बनाना ज़रूरी है.

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