हिंदी न्यूज़ – Bhim army chief chandrashekshar ravana Exclusive interview BJP will not win 2019 loksabha election

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने 13 सितंबर को अचानक भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर रावण  पर लगी रासुका (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) की धाराएं हटा दीं, जिसके बाद उन्हें तत्काल रिहा कर दिया गया. रावण के इस तरह रिहा होने पर सवाल उठ रहे हैं कि उनकी बीजेपी से डील हो गई है.

News18Hindi की टीम 14 सितंबर को जब सहारनपुर के छुटमलपुर गांव में रावण के घर पहुंची, तो वह लोगों से घिरे बैठे थे. रात भर का जागा होने के बावजूद रावण हर एक शख्स से उठकर गले मिल रहे थे और धीरे से साथियों के कान में कह रहे थे कि हो सके तो अब उन्हें ज़रा देर सोने दिया जाए. इन लोगों में दलित ही नहीं बड़ी संख्या में मुसलमान भी मौजूद थे. रावण ने इस Exclusive इंटरव्यू में जेल से जुड़े अपने अनुभव, बीजेपी और मायावती जैसे मुद्दों पर खुलकर बात की…

सवाल: इस तरह अचानक रिहाई के बाद इस सवाल उठ रहे हैं कि आपकी बीजेपी से कोई डील हो गई है ?
रावण: मुझे लोगों के कहने से कोई फर्क नहीं पड़ता. जो मैंने सहा है वो सिर्फ मुझे पता है. बीजेपी के अचानक रिहा करने के पीछे वजह ये है कि 14 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में मेरी तारीख थी और उनके वकील ने तीन दिन पहले सरेंडर कर ये कह दिया था कि अब मेरे खिलाफ पेश करने के लिए कोई ऐसा सबूत नहीं है जिससे मुझे दोषी साबित किया जा सकता हो. हमें न्याय मिलने जा रहा था इसलिए ही बीजेपी ने पॉलिटिकल माइलेज और भ्रम फैलाने के लिए मुझे एक दिन पहले रिहा कर दिया. मुझ निर्दोष व्यक्ति को उन्होंने 16 महीने जेल में रखा, मैं इस डेढ़ साल को कैसे भूल सकता हूं. ये डेढ़ साल मैं कभी नहीं भूल पाऊंगा.

सवाल: लोग जानना चाहते हैं कि उनके दलित आइकन रावण के 16 महीने जेल में कैसे गुजरे ?
रावण: जैसा आपने कहा कि लोग मुझे दलित आइकन मानते हैं और इसलिए अब उन्हें मुझसे कुछ उम्मीदें भी हैं. सरकार को जेल में मेरा जो उत्पीड़न कराना था उनके पास उसके कई तरीके थे. एक क्रांतिकारी होने के नाते मैं ये सब बताकर अपने साथी लोगों का मनोबल नहीं तोड़ना चाहता, ऐसा न हो कि ये सब सुनकर मेरे साथी जेल जाने से डरने लगे. जो हुआ मैं खुद भी उसे भूल जाना चाहता हूं. सबसे बुरा जो जेल में मेरे साथ हुआ वो ये था कि जब मैं बीमार हुआ तो 8 महीने तक जानबूझकर जेल में मेरा इलाज नहीं कराया गया. एक आदमी जिसका दोष भी सिद्ध नहीं हुआ, उसे जानवरों वाला खाना खिलाया जाए उसे ऐसी परिस्थितियों में जीने के लिए मजबूर किया जाए तो उसकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति पर इसका काफी बुरा असर पड़ता है. क्या बीजेपी मेरे 16 महीने लौटा सकती है ?

सवाल: क्या आपको और आपके परिवार को भी केस लड़ने के दौरान आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ा ?
रावण: मुझे भी काफी समस्याओं का सामना करना पड़ा लेकिन मेरे समाज ने मुझे काफी प्यार दिया. हाईकोर्ट हो या सुप्रीम कोर्ट लोगों ने मेरी काफी मदद की, यहां तक कि मुझे ठीक से पता भी नहीं कि ये सब कैसे निपट गया. अगर मुझे अपने परिवार की आर्थिक स्थिति के बल पर ये सब करना पड़ता तो अब तक मेरा घर बिक चुका होता. समाज ने मेरी जो मदद की मैं उसके लिए उनका कर्ज़दार हूं और अब उनकी उम्मीदों पर खरा उतरने की कोशिश करूंगा.

सवाल: मायावती आपको RSS का एजेंट कहती हैं, आरोप लगाती हैं कि भीम आर्मी को RSS ने ही खड़ा किया है. कैसे रिश्ते हैं आपके उनसे ?
रावण: मायावती मेरी बुआजी हैं क्योंकि वो उसी समाज से आती हैं जिससे मैं आता हूं, उनकी रगों में वही खून है जो मेरी रगों में दौड़ रहा है. मैं जेल में बंद था मुझे नहीं पता बुआजी ने क्या कह दिया, हो सकता है कुछ नाराजगी हो या हो सकता है उनके आस-पास के लोगों ने उन्हें बहका दिया हो. मुझे उनसे कोई शिकायत नहीं, वो राजनीतिक लड़ाई लड़ रही हैं और मैं सामाजिक लड़ाई लड़ रहा हूं. मेरे रिश्ते उनसे बहुत अच्छे हैं, वैसे ही हैं जैसे एक बुआ और भतीजे के बीच होते हैं.

सवाल: तो क्या भीम आर्मी बसपा का समर्थन करने जा रही है ?
रावण: भीम आर्मी एक सामाजिक संगठन है और फ़िलहाल किसी पार्टी के समर्थन का कोई सवाल ही नहीं है. जब 2019 चुनाव आएंगे तब का तब देखा जाएगा कि क्या करना है.

सवाल: 2019 के चुनावों में अब कुछ ही महीने बाकी हैं ?
रावण: बहुत दूर हैं ये पांच-छह महीने, अभी तो लोग मेरी रिहाई पर सवाल उठा रहे हैं जो सिर्फ डेढ़ महीने पहले हो गई है. इस पर अभी से जवाब देने का कोई मतलब नहीं.

सवाल: 2019 में भीम आर्मी की क्या भूमिका रहेगी. रावण जेल से बाहर आ गया है तो क्या करेगा ?
रावण: रावण ये करेगा कि जिन्होंने मेरे समाज के लोगों पर अत्याचार किए हैं, उन्होंने मेरे जेल में रहने के दौरान काफी काम किया है अब उनके आराम का वक़्त आ गया है. इन लोगों को आराम देने के लिए मैं 2019 में बीजेपी की ‘सत्ता से घर वापसी’ करा दूंगा. उन्होंने मुझे घर वापस भेजा है और अब मैं उनकी घर वापसी करा दूंगा.

सवाल: मतलब आप साफ कर रहे हैं कि 2019 चुनाव या फिर भविष्य में आप कभी बीजेपी के साथ नहीं जाएंगे ?
रावण: मुझे नहीं पता कि लोग क्या सोचते हैं, लेकिन बीजेपी ने जो मुझे दिया है वो 2019 में मैं उन्हें सूद समेत लौटा दूंगा. मैं उन्हें काफी आराम दूंगा, कोशिश करूंगा कि उन्हें सत्ता से कम से कम 10 साल आराम मिल जाए.

सवाल: भीम आर्मी कभी चुनाव लड़ेगी ?
रावण: भीम आर्मी एक सामाजिक संगठन है वो कभी चुनाव नहीं लड़ेगी, राजनीतिक दल नहीं बनेगी. मैं अभी जेल से लौटा हूं बाकी सवालों के जवाब राजनीतिक माहौल देखने के बाद दूंगा.

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