हिंदी न्यूज़ – बीजेपी को चुनौती देने के लिए कांग्रेस देशभर में एक करोड़ बूथ सहयोगी नियुक्त करेगी-2019 Lok Sabha Elections Congress to rope in one crore booth assistants Congress to take on BJP

नीरज कुमार

2019 के लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी को चुनौती देने के लिए कांग्रेस ने मेगा प्लान तैयार किया है. बूथ स्तर पर बीजेपी के पन्ना प्रमुख के मुकाबले कांग्रेस की तैयारी देशभर में एक करोड़ बूथ सहयोगी नियुक्त करने की है. इस प्लान पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपनी मुहर लगा दी है. हर बूथ पर 10 बूथ सहयोगी होंगे और एक बूथ सहयोगी पर 20-25 घर की ज़िम्मेदारी होगी.

दरअसल कांग्रेस के मेगा प्लान में बीजेपी को चुनौती देने के लिए और कांग्रेस को ज़मीन पर आर्थिक रूप से मज़बूत करने के लिए 5 लक्ष्य तय किए गए हैं, इसमें एक बूथ सहयोगियों की नियुक्त भी है. दरअसल सभी 5 लक्ष्य कांग्रेस के डोर टू डोर अभियान के तहत पूरे किए जाएंगे. राहुल गांधी की मुहर लगने के बाद सारे राज्यों को मेगा प्लान पर काम करने का निर्देश भी दे दिया है.

डोर टू डोर या लोकसंपर्क अभियान के पांच मकसद-पब्लिसिटी के सामान का वितरण राष्ट्रीय, राज्य और स्थानीय मसलों पर मतदाताओं के बीच करना

-नए मतदाताओं के लिए सदस्यता अभियान चलाना

-मतदाताओं और देनदाताओं से जुड़ा सभी डेटा तैयार करना

-1 करोड़ बूथ सहयोगी तैयार करना (10 सहयोगी हर बूथ पर), हर सहयोगी को 20-25 परिवार की होगी ज़िम्मेदारी

-पार्टी के लिए फंड जुटाना

हर साल डोर टू डोर अभियान नियमित तौर पर प्रदेश इकाइयों की ओर से चलाया जाएगा. अभियान की दो महीने में एक बार रिपोर्ट कांग्रेस अध्यक्ष और प्रभारी महासचिव को देनी होगी. अभियान को सफल बनाने के लिए 25 सितंबर तक सभी पदों को भरने का आदेश भी पार्टी ने जारी कर दिया है.

कैसे काम करेंगे बूथ सहयोगी?
दरअसल बीजेपी की जीत में संगठन की मज़बूती का महत्वपूर्ण योगदान माना जाता है. खासकर चुनाव के दौरान पन्ना प्रमुख का योगदान बीजेपी में जीत दिलाने में अहम होता है. कांग्रेस ने इसी रणनीति के तहत हर मतदान बूथ पर 10 बूथ सहयोगी की नियुक्ति का फैसला किया है ताकि संगठन भी खड़ा हो और चुनाव प्रबंधन भी हो सके.

एक बूथ सहयोगी के जिम्मे 20 से 25 परिवार का जिम्मा होगा. 100 बूथ सहयोगी पर एक एरिया बूथ कोऑर्डिनेटर की भी नियुक्ति होगी. बूथ सहयोगियों को मतदाताओं से आठ तरह की जानकारियां लेने को कहा गया है जिनमें नाम, पता, उम्र, डोनेशन की रकम, कैश से या चेक से, रसीद का नंबर, वोटर कार्ड और टेलीफोन नंबर या ईमेल आईडी.

इसके अलावा बूथ सहयोगी का काम अपने क्षेत्र के निम्न लोगों की जानकारी देने का भी होगा.

-कांग्रेस समर्थक एनजीओ

-कांग्रेस समर्थक कोऑपरेटिव

-चैरिटेबल और धार्मिक संस्थान

-ओपिनियन मेकर्स

-व्यापारी और बिजनसमैन

-व्यापार संघ

-सामाजिक ग्रुप

बूथ सहयोगियों पर पार्टी के लिए फंड जुटाने का भी जिम्मा होगा. कांग्रेस के नए प्लान से ज़ाहिर है कि देशभर के नेताओं से विचार विमर्श के बाद इस मेगा प्लान को अंतिम रूप दिया है. ऐसे में अब देखना होगा कि बीजेपी के पन्ना प्रमुख के मुकाबले कांग्रेस के बूथ सहयोगी कितने प्रभावी होते हैं कांग्रेस के लिए जो कि इतिहास में अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रही है. कांग्रेस के मेगाप्लान में बूथ सहयोगियों को बेहतर काम के लिए सम्मानित करने का भी प्रावधान रखा गया है.

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