हिंदी न्यूज़ – JNUSU new president N Sai Balaji responded on Defense Minister Nirmala Sitaraman statement

JNUSU प्रेसिडेंट का निर्मला सीतारमण पर पलटवार, 'असल मुद्दों से ध्यान भटकाना चाहती हैं वह'

जेएनयू स्टूडेंट यूनियन के नए प्रेसिडेंट एन. साई बालाजी (तस्वीर – फेसबुक)

News18Hindi

Updated: September 19, 2018, 5:21 AM IST

जवाहर लाल नेहरू छात्र संघ (जेएनयूएसयू) के अध्यक्ष एन साई बालाजी ने रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण के बयान को लेकर उन पर हमला बोला है. सीतारमण ने कहा था कि यूनिवर्सिटी में कुछ ऐसी ताकतें हैं जो भारत के खिलाफ ‘युद्ध छेड़ रही’ हैं. बालाजी ने सीतारमण पर पलटवार करते हुए कहा कि उन्होंने खुद अभी तक राफेल डील पर सवालों के जवाब नहीं दिए हैं. जेएनयू छात्र संघ चुनाव में सभी चार प्रमुख पदों पर लेफ्ट समर्थित उम्मीदवारों के जीतने के कुछ दिन बाद सीतारमण ने यह टिप्पणी की है.

बता दें कि भारतीय महिला प्रेस क्लब में एक कार्यक्रम के दौरान जेएनयू के एक पूर्व छात्र ने निर्मला सीतारमण से यूनिवर्सिटी के घटनाक्रम के बारे में सवाल किया था. इस पर उन्होंने कहा था, “कुछ ताकतें हैं जो भारत के खिलाफ जंग छेड़ रही हैं और ये वही हैं जो छात्र संघ के निर्वाचित प्रतिनिधियों के साथ भी नजर आती हैँ. इससे मैं असहज महसूस करती हूं.”

इसी के जवाब में बालाजी ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि सरकार चाहती है कि देश राष्ट्रवाद बनाम राष्ट्रवाद विरोध पर चर्चा करे. वह राफेल समझौता, बेरोजगारी जैसे असल मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाना चाहती है.

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रक्षा मंत्री ने कहा, “पिछले कुछ सालों में जो चीज़ें हुई हैं वो वास्तव में उत्साहजनक नहीं हैं. किताबें कहती हैं कि वो भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ रहे हैं. उनके ब्रोशर ऐसा कहते हैं. जेएनयूएसयू का नेतृत्व करने वाले या जेएनयूएसयू सदस्य खुले तौर पर ऐसी ताकतों के साथ शामिल होते हैं, इसलिए भारत विरोधी कहने में आपको संकोच करने की आवश्यकता नहीं है.”

छात्रों ने जेएनयू प्रशासन पर कर्फ्यू लगाने का आरोप लगाया
एबीवीपी और वामपंथी सदस्यों के बीच जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में कथित हिंसा के एक दिन के बाद पूरे परिसर में खामोशी छाई रही. छात्रों ने प्रशासन पर कर्फ्यू लगाने का आरोप लगाया और कहा कि ऐसा लग रहा है कि वे ‘आपातकाल के दौर में रह रहे हैं.’ जेएनयू प्रशासन ने कहा कि इसके छात्र संघ के सदस्यों ने कुछ बयान दिए हैं जिसके कारण उन्हें पीड़ा हुई है.

पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों को लगातार यूनिवर्सिटी के गेट पर तैनात किया गया है और बाहरी लोगों एवं मीडियाकर्मियों को कैंपस के अंदर एंट्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया है.

(एजेंसियों के इनपुट के साथ)

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