हिंदी न्यूज़ – तिरंगे से लेकर शिव भक्ति तक, केंद्र में वापसी के लिए ऐसे ‘सॉफ्ट हिंदुत्व’ पर चल रहे राहुल गांधी-From Flag is My Religion to Shiv Bhakt: How Rahul Gandhi is Using ‘Hindutva Lite’ to Make a Comeback

(पल्लवी घोष)

अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को मध्य प्रदेश विधानसभा के चुनाव प्रचार के अभियान की शुरुआत शिव भक्ति से की. इस मौके पर पार्टी ने जो पोस्टर लगाए, उनमें राहुल गांधी को शिवलिंग पर जल चढ़ाते हुए दिखाया गया. वैसे ये एक तरह से अघोषित परंपरा बन चुकी है कि चुनावी राज्य में राहुल गांधी मंदिर दर्शन से ही पार्टी  के कैंपेन की शुरुआत करते हैं. हाल में हुए गुजरात चुनावों में इसकी एक बानगी भी देखने को मिली है. चुनावी प्रचार के लिए राहुल गांधी ने कभी तिंरगे से सॉफ्ट हिंदुत्व का कार्ड खेला है, तो कभी मंदिर दर्शन और शिव भक्ति से वोटर्स के दिल में जगह बनाने की कोशिश की है.

OPINION: आंतरिक कलह के बीच MP में कांग्रेस को सत्ता दिला पाएगा राहुल का ‘सॉफ्ट हिंदुत्व’?

मध्य प्रदेश के चुनाव प्रचार में राहुल गांधी को शिव भक्त के तौर पर प्रोजेक्ट किया जा रहा है. गुजरात चुनाव के दौरान राहुल गांधी के हिंदू होने को लेकर काफी राजनीतिक बयानबाजी हुई थी. कांग्रेस पार्टी ने राहुल गांधी को जनेऊधारी हिंदू बताया था. कर्नाटक के चुनाव में राहुल गांधी की मानसरोवर यात्रा का ऐलान हुआ था. मध्य प्रदेश के चुनाव में कांग्रेस पार्टी राम और गाय के बाद अब राहुल गांधी के शिव-भक्त अवतार से सत्ता में वापसी का मार्ग खोज रही है.

अगर बात करें साल 2006 की, तो उस वक्त राहुल गांधी के एजेंडे में मंदिर नहीं, बल्कि तिरंगा था. 2006 में हैदराबाद में हुए कांग्रेस के प्लेनरी सेशन के जरिये राजनीति में अपना पहला कदम रखने वाले राहुल गांधी ने तिरंगे को अपना धर्म बताया था. राहुल ने कहा था, ‘भारत का झंडा (तिरंगा) ही मेरा धर्म है मेरा ईमान है.’ इस एक लाइन के जरिये राहुल गांधी ने राजनीति के अपने वर्जन का माहौल सेट कर दिया था. इसके बाद से वह साम्प्रदायिकता को लेकर लगभग हर मौकों पर बीजेपी और आरएसएस पर हमलावर होते रहे हैं.

हालांकि, 2014 में कांग्रेस को मिली करारी हार से सबक लेते हुए राहुल गांधी 2019 में पार्टी के प्रदर्शन को बेहतर करने की कोशिशों में जुटे हैं. ऐसे में उन्होंने पार्टी के लिए अपनी आइडियोलॉजी भी बदल ली है. पॉलिटिकली यू-टर्न मारते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने अभियान रणनीति के तौर पर तिरंगे की जगह अब धर्म को दे दी है.

मंत्रोच्चार-शंखनाद के बीच मध्य प्रदेश में राहुल दे गए सॉफ्ट हिंदुत्व का संदेश

इसी कड़ी में राहुल ने गुजरात और कर्नाटक चुनाव के दौरान 11 मंदिरों/मठों के दर्शन किए. हाल ही में कैलाश मानसरोवर की यात्रा से लौटे हैं. बीते रविवार को राहुल गांधी ने 11 पुजारियों के मंत्रोच्चार के बाद भोपाल में लालघाटी चौराहे से अपना रोड शो शुरू किया.

‘News18’ के सूत्रों का कहना है कि 2019 के चुनावी रण के मद्देनज़र राज्यों में अपना प्रदर्शन सुधारने के लिए कांग्रेस हर वो रास्ता अपनाएगी, जो सॉफ्ट हिंदुत्व की ओर जाता है. इसके तहत राहुल ज्योतिर्रमठ गए और उसे हिंदुओं का अभूतपूर्व तीर्थ स्थल करार दिया. अपने चुनावी प्रचार अभियान के तहत राहुल गांधी आने वाले दिनों में मध्य प्रदेश के और भी मंदिरों के दर्शन करेंगे.

इसके इतर कांग्रेस ने अपने कार्यकर्ताओं को ये साफ हिदायद दी गई है कि वो राहुल गांधी की कैलाश मानसरोवर यात्रा को राजनीतिक तौर पर न भुनाए.

पूर्व रक्षा मंत्री एके एंटनी ने 2014 के लोकसभा चुनावों के बाद कांग्रेस के सॉफ्ट हिंदुत्व को लेकर एक रिपोर्ट पेश की थी. इसके मुताबिक, अन्य कई मुद्दों के बीच कांग्रेस के अल्पसंख्यक हितैषी छवि की वजह से बीजेपी को मजबूत हिंदुत्व की छवि बनाने में भरपूर मदद मिली. इसी की बदौलत पार्टी को उत्तर प्रदेश में प्रचंड बहुमत मिला.

पार्टी रणनीति के तहत कांग्रेस प्रवक्ताओं को ये नसीहत दी गई है कि वो किसी भी टीवी डिबेट में हिस्सा न लें, क्योंकि संभव है कि इससे राजनीतिक परिचर्चा का ध्रुवीकरण हो जाए. पार्टी प्रवक्तों से ये भी कहा गया है कि वो मॉब लिंचिंग, गौकशी, राममंदिर जैसे मुद्दों पर ऐसा कोई बयान देने से बचें, जिससे विवाद हो.

प्रवक्ताओं और पार्टी कैडर से कहा गया है कि वो ऐसा कुछ भी न करें, जिससे पार्टी की छवि ‘फेक हिंदु’ वाली हो या फिर जो हिंदुत्व के मुद्दे के खिलाफ में हो. पार्टी में कराए गए एक आतंरिक आकंलन के मुताबिक, पार्टी की ये नई रणनीति काम करने लगी है. खासकर यूपी और एमपी जैसे राज्यों में.

कांग्रेस के एक सीनियर नेता बताते हैं, ‘हमारी रणनीति से आरएसएस चिढ़ी हुई है. इसीलिए वो अपना मेकओवर करने में जुटे हैं.’ कांग्रेस नेता ने आरएसएस के कार्यक्रम में सरसंघचालक मोहन भागवत के संबोधन पर ये बातें कही.

बता दें कि कांग्रेस के इस सॉफ्ट हिंदुत्व को लेकर बीजेपी लगातार हमलावर है. मध्य प्रदेश के भोपाल में राहुल गांधी की यात्रा को लेकर लगाए गए पोस्टरों पर हमलावर रुख अपनाते हुए बीजेपी ने इसकी आलोचना भी करनी शुरू कर दी है. बीजेपी प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल ने कहा, ‘ देश में जब भी कहीं चुनाव होते हैं वह मंदिरों के फेरे लगाना शुरू कर देते हैं. राहुल गांधी की भोपाल यात्रा में एक सॉफ्ट हिंदुत्व एजेंडा झलकता है. लेकिन जनता बहुत होशियार है और उनके इस शिव भक्त के रूप को अच्छे से समझती है.’

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