हिंदी न्यूज़ – PM मोदी ने ओडिशा में दिए 2019 में जीत के संकेत, नवीन पटनायक पर साधा निशाना-PM Modi Hints at 2019 Win in Odisha, Says Will Return to Inaugurate Project After 3 Years

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को ओडिशा पहुंचे और राज्य को कई सौगातें दीं. तालचेर फर्टिलाइजर्स प्लांट की नींव रखने के बाद उन्होंने रैली को संबोधित किया. पीएम ने अपने संबोधन में 2019 के चुनावी लड़ाई की तस्वीर खींचते हुए इशारे ही इशारों में अपनी जीत का दावा भी किया. मोदी ने कहा कि खाद कारखाने से 36 महीने बाद उत्पादन शुरू हो जाएगा और विश्वास दिलाता हूं कि इसका उद्घाटन करने मैं ही आऊंगा. रैली को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने नवीन पटनायक पर जमकर निशाना भी साधा.

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आमतौर पर पीएम मोदी के भाषण में कांग्रेस निशाने पर रहती है, लेकिन इस बार पीएम ने कांग्रेस पर कोई वार नहीं किए. वो नवीन पटनायक ज्यादा हावी रहें. ऐसा करके एक तरह से मोदी ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि 2019 में विपक्षी एकजुटता के बावजूद उनकी ही सरकार की वापसी होगी.

MY-BB समीकरण से तेजस्वी-राहुल ने बनाई NDA को मात देने की सोशल इंजीनियरिंगप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि तालचेर फर्टिलाइजर्स प्लांट में फिर से जान फूंकने के लिए 13,000 करोड़ रुपये की लागत वाली परियोजना में पहली बार कोयले को गैस में तब्दील कर ईंधन के तौर पर इस्तेमाल किया जाएगा और इससे नीम-लेपित यूरिया का उत्पादन होगा. मोदी ने कहा कि इस परियोजना के तहत 36 महीने में उत्पादन शुरू होगा. इस परियोजना से प्राकृतिक गैस और उर्वरक के आयात में कटौती और भारत को आत्म-निर्भर बनाने में मदद मिलेगी.

परियोजना की शुरुआत के लिए आयोजित समारोह में मोदी ने कहा, ‘हमारा मकसद भारत को वृद्धि की नई ऊंचाइयों तक ले जाना है.’ उन्होंने कहा कि तालचेर फर्टिलाइजर्स प्लांट जैसी परियोजनाएं भारत की विकास गाथा के लिए निर्णायक हैं. उन्होंने कहा, ‘इस संयंत्र में नवीनतम प्रौद्योगिकी का भी इस्तेमाल होगा.’

मोदी ने कहा कि प्लांट में काम की शुरुआत से उन सपनों को साकार किया जा सकेगा, जिन्हें बहुत पहले ही पूरा किया जाना चाहिए था. इस परियोजना से 12.7 लाख टन नीम-लेपित यूरिया का उत्पादन हो सकेगा. इसमें ‘कोल-गैसीफिकेशन’ प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल किया जाएगा.

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘इस ‘काले हीरे’ कोयले को गैस में बदलने के लिए भारत में पहली बार कोल-गैसीफिकेशन का इस्तेमाल किया जा रहा है. इससे प्राकृतिक गैस उर्वरक के आयात में कमी लाने में मदद मिलेगी.’ उन्होंने कहा कि इस परियोजना से करीब 4,500 लोगों के लिए रोजगार पैदा होगा.

मोदी ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के एक समूह द्वारा इस परियोजना को लागू किया जा रहा है और यह इसका बड़ा उदाहरण है कि देश के ‘रत्न’ कैसे एकसाथ मिलकर काम कर सकते हैं. उन्होंने कहा, ‘मुझे बताया गया कि उत्पादन 36 महीने में शुरू हो जाएगा. मैं उत्पादन की शुरुआत के समय 36 महीनों में यहां मौजूद रहने का वादा करता हूं.’

बीजेपी नीत एनडीए सरकार ने 2002 में भारतीय उर्वरक निगम की तालचर उर्वरक परियोजना को बंद कर दिया था. बिजली संबंधी बंदिशों, बेमेल और पुरानी पड़ चुकी प्रौद्योगिकी के कारण इस संयंत्र को चलाना नुकसानदेह साबित हो रहा था. अगस्त 2011 में कांग्रेस की अगुवाई वाली यूपीए सरकार ने इस संयंत्र में जान फूंकने का फैसला किया था. तालचर फर्टिलाइजर्स लिमिटेड नाम की नई कंपनी का गठन किया गया, जिसमें गेल, कोल इंडिया लिमिटेड, राष्ट्रीय केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स और एफसीआईएल नाम की चार सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां साझेदार हैं.

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