हिंदी न्यूज़ – Tata Sons Board Was Competent to Dismiss Cyrus Mistry, Rules National Company Law Tribunal-NCLT ने रतन टाटा के पक्ष में दिया फैसला, निलंबन के खिलाफ साइरस मिस्त्री की याचिका खारिज

साइरस मिस्त्री को बड़ा झटका, टाटा संस से सस्पेंशन को NCLT ने ठहराया जायज़

रतन टाटा के साथ साइरस मिस्त्री (फाइल)

News18Hindi

Updated: July 9, 2018, 1:06 PM IST

टाटा संस के चेयरमैन पद से साइरस मिस्त्री को हटाए जाने के विवाद पर नेशनल कंपनी लॉ ट्र‍िब्यूनल (NCLT) का फैसला आ चुका है. एनसीएलटी ने सोमवार को रतन टाटा के पक्ष में फैसला सुनाते हुए साइरस मिस्त्री की याचिका खारिज कर दी है. ऐसे में मिस्त्री का निलंबन बरकरार रहेगा.

ट्रिब्यूनल ने फैसला सुनाते हुए कहा, “साइरस मिस्त्री को इसलिए हटाया गया, क्योंकि टाटा संस बोर्ड और इसके मेंबर साइरस मिस्त्री पर भरोसा खो चुके थे.” याचिका खारिज करते हुए एनसीएलटी ने कहा, “हमें इस में कोई दम नहीं दिखा. टाटा मोटर्स के मामले में हमें कोई मेरिट नज़र नहीं आई.”

एनसीएलटी ने कहा कि साइरस को कंपनी की संवेदनशील जानकारी लीक करने की वजह से पद से हटाया गया था. उन्होंने ये जानकारी आईटी डिपार्टमेंट और मीडिया में लीक की.

बता दें कि टाटा संस के बोर्ड ने 24 अक्टूबर, 2016 को साइरस मिस्त्री को चेयरमैन पद से हटा दिया था. इसके साथ ही साइरस को ग्रुप की अन्य कंपनियों से भी बाहर निकलने के लिए कहा गया था. इसके बाद ही साइरस ने ग्रुप की 6 कंपनियों के बोर्ड से अपना इस्तीफा दे दिया था. इसके साथ ही वह एनसीएलटी भी पहुंच गए थे.ब्रिटेन में घर मेरे नाम पर नहीं, कोई इन्‍हें छू भी नहीं सकता: विजय माल्‍या

मिस्त्री की ओर से दिसंबर 2016 में याचिका दायर की गई थी. इसमें उन्होंने रतन टाटा और टाटा ट्रस्ट के एनए सूनावाला के दखल के कारण टाटा संस में गवर्नेंस कमजोर होने और बिजनेस को लेकर गलत फैसले किए जाने का भी आरोप लगाया था.

उन्होंने टाटा संस के बोर्ड में शापूरजी पालोनजी ग्रुप को उपयुक्त प्रतिनिधित्व देने, टाटा संस के मामलों में टाटा ट्रस्ट्स के ट्रस्टीज के हस्तक्षेप को रोकने, टाटा संस को प्राइवेट कंपनी में तब्दील होने से बचाने और टाटा संस में साइरस मिस्त्री फैमिली फर्मों के शेयर्स को जबरदस्ती ट्रांसफर करने की अनुमति न देने की मांग की थी. हालांकि, एनसीएलटी ने उनकी सभी मांगें खारिज कर दी.

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