हिंदी न्यूज़ – burari-death-mystery: delhi police initial investigation move on murder theory

दिल्ली के बुराड़ी में 11 लोगों की रहस्यमय मौत का मामला दिन ब दिन उलझता दिख रहा है. इसके साथ ही दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की खुदकुशी करने की थ्योरी पर भी सवाल उठने लगे हैं. न्यूज 18 इंडिया की तफ्तीश के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की शुरुआती जांच और FIR में लोगों की हत्या की आशंका जाहिर की गई थी. FIR में साफ-साफ धारा 302 के तहत केस दर्ज करने की बात है.

बुराड़ी थाने में दर्ज FIR संख्या 308 में साफ लिखा है कि मौक़ा-ए-वारदात पर क्राइम टीम (नॉर्थ) को बुलवाकर मौक़ा मुआयना करवाया गया. फोटोग्राफ्स बनवाए गए, इसके बाद मौक़ा-ए-वारदात पर FSL टीम रोहिणी को बुलवाया गया जो मुआयना कर रही है. मौक़े का मुआयना करने और शवों के हालात को देखते हुए आईपीसी की धारा 302 दर्ज करना तय हुआ है.

बताया गया है कि जब स्थानीय पुलिस अधिकारी वहां जांच के लिए पहुंचे और उत्तरी दिल्ली पुलिस की क्राइम टीम और रोहिणी से FSL की टीम ने आकर मौके का मुआयना किया तो उन्हें हत्या का अंदेशा हुआ. शवों की हालत को देखकर ही उन्होंने धारा 302 के तहत केस दर्ज करने को कहा, लेकिन जल्द ही ये केस क्राइम ब्रांच के हवाले कर दिया गया और उसी के बाद से पूरे भाटिया परिवार के अंधविश्वास के चलते खुदकुशी करने की थ्योरी आने लगी.

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की जांच में ऐसी कई कमजोर कड़ी है जो पूरी जांच पर सवाल उठाती है.1.क्राइम ब्रांच ने बुराड़ी केस में दर्ज FIR संख्या 308 को तवज्जो क्यों नहीं दिया?

2. जब FIR में हत्या का अंदेशा जताया गया तो जांच उस दिशा में क्यों नहीं बढ़ी?

3. क्या दिल्ली पुलिस ने आत्महत्या की थ्योरी प्लांट करवाई?

4.FIR में शवों के हालात का ज़िक्र है, क्या दिल्ली पुलिस ने वो हालात छुपाए?

5.अंधविश्वास के चलते सामूहिक खुदकुशी की थ्योरी पर ही तवज्जो क्यों ?

6. आठ लोगों की हत्या के बाद 3 की खुदकुशी की थ्योरी में कितना दम ?

क्राइम ब्रांच भले ही इस पूरे मामले को अंधविश्वस से जोड़ रहा है, लेकिन भाटिया परिवार की माली हालत और सारे परिस्थितियों के देखकर पुलिस की इस थ्योरी पर सवाल उठ रहे हैं.

 

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