Australian Journalist did not got Visa for India due to News Story against Gautam Adani – अडानी के खिलाफ खबर करने वाले पत्रकार को भारत ने नहीं दिया वीजा

भारतीय मूल के आस्ट्रेलियाई पत्रकार अमृता स्ली को भारत सरकार ने भारत आने का वीजा नहीं दिया। उन्होंने सिडनी स्थित भारतीय दूतावास में वीजा के लिए आवेदन किया था लेकिन लंबे समय तक टाल मटोल किया जाता रहा। जब पत्रकार ने इस बारे में जानना चाहा तो पहले तो उसे अगले हफ्ते-अगले हफ्ते कहकर मामले को टाला गया और बाद में उसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। दरअसल यह पत्रकार आस्ट्रेलिया के रेडियो नेशनल पर भारत के गौरवशाली इतिहास पर सीरीज में प्रसारित होने वाले एक प्रोग्राम को शूट करने भारत आना चाहते थे। इस प्रोग्राम में स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद भारत के सफरनामे को चित्रंकित करना था। इसके लिए पत्रकार को भारत में विभिन्न इतिहासकारों, अर्थशास्त्रियों, खोजी पत्रकारों, व्यंगकारों, पर्यावरणविदों, शिक्षाविदों, शिल्पकारों और छात्र नेताओं से इंटरव्यू करने थे।

आस्ट्रेलियाई पत्रकार को इस प्रोग्राम में भारत में जाति और लिंग भेद, धार्मिक भेदभाव, लैंगिक असमानता, मीडिया की आजादी, न्यायपालिका पर नियंत्रण और हमले, फेक न्यूज, रक्षा मुद्दों समेत राजनीतिक एजेंडों को शामिल करना था। इसके लिए उन्हें स्कॉलरशिप भी मिली थी। तय योजना के मुताबिक पत्रकारों के एक दस्ते को फरवरी में आना था और इसके लिए आवेदन और इंटरव्यू शिड्यूल दिसंबर में ही कर दिया गया था। बावजूद इसके उन्हें वीजा नहीं दिया गया।

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वीजा से वंचित पत्रकार ने लिखा है कि जब उन्होंने विदेश मंत्रालय से यह पता करने की कोशिश की कि वीजा क्यों नहीं मिल रहा है तो उन्हें उच्च पदस्थ सूत्रों से जानकारी मिली कि मशहूर उद्योगपति गौतम अडाणी के खिलाफ खबर करने की वजह से उसका वीजा लटकाया गया है। बता दें कि पिछले साल अक्टूबर में इस पत्रकार ने आस्ट्रेलिया में अडाणी ग्रुप द्वारा अनुचित तरीके से कोल माइंस खरीदने संबंधित स्टोरी कवर की थी।

बता दें कि ऑस्ट्रेलियाई समाचार संस्था एबीसी न्यूज ने अपनी एक खोजी रिपोर्ट में कारोबारी अडानी समूह के टैक्स हेवन (कर चोरों के स्वर्ग) देशों से पहले से अज्ञात संबंधों को उजागर करने का दावा किया था। एबीसी न्यूज के विशेष कार्यक्रम फोर कॉर्नर्स के तहत की गई पड़ताल के बाद ये दावा किया गया था कि ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड में कई अहम परिसंपत्तियां दरअसल अडानी समूह की हैं।

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