Congress accused the government about the Rafael fighter aircraft deal – कांग्रेस का बड़ा हमला- एक झूठ को छिपाने के लिए 100 झूठ बोल रही मोदी सरकार

कांग्रेस ने राफेल लड़ाकू विमान सौदे को लेकर आज सरकार को निशाने पर लेते हुए आरोप लगाया कि कि इस मामले में ‘‘एक झूठ को छिपाने के लिए सौ झूठ बोले जा रहे हैं’’ तथा यदि इस सौदे में सरकारी राजस्व को कोई नुकसान हुआ है तो क्या प्रधानमंत्री सीधे तौर पर जिम्मेदार नहीं हैं? पार्टी ने यह भी स्पष्ट किया कि वह राफेल सौदे पर ऐसी कोई जानकारी नहीं मांग रही है जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा प्रभावित होती हो। कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने आज संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा कि राफेल लड़ाकू विमान सौदे के ‘‘गड़बड़झाले पर एक झूठ को छिपाने के लिए सौ झूठ बोलना’’ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सरकार और भाजपा की सचाई बन गयी है। उन्होंने कहा कि इस सौदे में ‘‘ दाल में काला नहीं पूरी दाल ही काली है।’’

सुरजेवाला ने कहा कि इस मुद्दे पर रक्षा मंत्री एवं वित्त मंत्री अलग अलग भाषा में बोल रहे हैं और प्रधानमंत्री चुप बैठे हुए हैं। उन्होंने कहा कि यदि इस सौदे में सरकारी राजस्व को कोई नुकसान हुआ है तो क्या इसके लिए सीधे तौर पर प्रधानमंत्री जिम्मेदार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि इस पूरे सौदे में घोटाले की बू आ रही है। कांग्रेस प्रवक्ता ने दावा किया कि प्रधानमंत्री, वित्त मंत्री तथा रक्षा मंत्री आए दिन राफेल सौदे के कारण हुई ‘‘राजस्व हानि को छिपाने के लिए देश को गुमराह करने का कुत्सित प्रयास करते हैं। किंतु वह जितना झूठ बोलते हैं,…उतने ही इस गुत्थी में उलझते जाते हैं।’’ सुरजेवाला ने कहा कि रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने 17 नवंबर 2017 को कहा था कि वह राफेल लड़ाकू विमान के दाम का खुलासा करने की इच्छुक हैं। बाद में ऐसा क्या हो गया कि वह अब इसका दाम बताने को तैयार नहीं हैं।

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उन्होंने प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री एवं वित्त मंत्री से पूछा कि वे 36 राफेल विमानों का दाम देश को बताने पर पर्दा क्यों डाल रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे विमान की तकनीकी जानकारी नहीं मांग रहे हैं जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा प्रभावित होती हो। उन्होंने कहा कि विमान का दाम राजस्व से जुड़ा हुआ है और पार्टी केवल यही जानना चाहती है। सुरजेवाला ने कहा कि रक्षा मंत्री ने पांच फरवरी को कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य राजीव गौड़ा के सवाल के लिखित जवाब में बताया कि वह राफेल विमान का दाम ‘गोपनीयता समझौते’ के चलते नहीं बता सकती हैं। कांग्रेस नेता ने दावा किया कि उस समझौते की अवधि 24 जनवरी 2018 को ही समाप्त हो गयी। उन्होंने कहा कि पांच फरवरी को वित्त मंत्री अरूण जेटली ने कहा कि वह राफेल विमान की कीमत इसलिए नहीं बता सकते क्योंकि यह राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है। कांग्रेस नेता ने कहा कि विमान की कीमत से राजस्व लाभ हानि का पता चलेगा। इससे राष्ट्रीय सुरक्षा प्रभावित नहीं होगी।

उन्होंने सवाल किया कि वह कौन सा रहस्य है जिसके कारण सरकार इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए है? उन्होंने सरकार से सवाल किया कि क्या यह सही है कि दिसंबर 2012 में खुली अंतरराष्ट्रीय निविदा में राफेल विमान की कीमत 526.1 करोड़ रुपये आई थी जबकि मोदी सरकार ने इसे 1570.8 करोड़ रूपये में खरीदा। उन्होंने दावा किया कि कतर ने नवंबर 2017 में राफेल विमान 694.80 करोड़ रूपये में खरीदा है। उन्होंने सरकार से पूछा कि क्या राफेल विमान सौदा करने से पहले कैबिनेट की सुरक्षा मामलों की समिति से अनुमति ली गयी और क्या रक्षा खरीद प्रक्रिया सौदे का उल्लंघन तो नहीं किया। रणदीप के साथ संवाददाताओं को संबोधित करते हुए पार्टी प्रवक्ता राजीव गौड़ा ने कहा कि सरकार ने सार्वजनिक उपक्रम हिन्दुस्तान एयरोनाटिक्स लि. (एचएएल) के साथ 30 हजार करोड़ रूपये के आफसेट करार को रद्द कर इसे एक निजी कंपनी के पक्ष में क्यों दे दिया। उन्होंने कहा कि 13 मार्च 2014 में एचएएल का दसाल्ट एविएशन के साथ समझौता हुआ। गौड़ा ने सवाल किया कि एक निजी कंपनी के पक्ष में सार्वजनिक क्षेत्र की इस प्रतिष्ठित कंपनी का कार्य भागीदारी समझौता क्यों रद्द किया गया। कल लोकसभा में वित्त मंत्री जेटली द्वारा राफेल सौदे पर कांग्रेस अध्यक्ष के बारे में की गयी टिप्पणी को लेकर पूछे गये सवाल के जवाब में सुरजेवाला ने कहा कि राहुल ने वित्त मंत्री की टिप्पणी का जवाब देने के लिए लोकसभा अध्यक्ष से आग्रह किया भी था। किंतु उन्हें आसन से इसके लिए अनुमति नहीं दी गयी।

केंद्रीय बजट पर चर्चा का जवाब देते हुए कल वित्त मंत्री अरूण जेटली ने लोकसभा में राफेल विमान सौदे को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष पर तीखा प्रहार किया था। उन्होंने राहुल के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा था कि इस सौदे की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग करके राहुल गांधी भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ गंभीर समझौता कर रहे हैं और इस बारे में उन्हें वरिष्ठ नेता प्रणब मुखर्जी से सीखना चाहिए। जेटली ने कहा था, ‘‘ मेरा आरोप है कि वह :कांग्रेस अध्यक्ष: भारत की सुरक्षा से गंभीर समझौता कर रहे हैं।’ इस बारे में कांग्रेस सदस्य शशि थरूर द्वारा सवाल उठाने पर जेटली ने कहा था, ‘‘ आपकी पार्टी के अध्यक्ष ने ऐसे आरोप राष्ट्रीय सुरक्षा की कीमत पर गढ़े हैं।

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