Gujarat ats submitted charge sheet of suspected IS terrorist in ankleshwar court – PM मोदी को स्नाइपर रायफल से मारना चाहता था आईएस!

हाल ही में अंकलेश्वर कोर्ट में गुजरात एटीएस ने एक चार्जशीट दाखिल की है। ये चार्जशीट ​आईएसआईएस से कथित तौर पर जुड़े आतंकवादी के बयानों से जुड़ी हुई है। इस चार्जशीट में कथित आतंकवादी के दर्ज बयान में लिखा है,’हां, मोदी को स्नाइपर राइफल से मार दो।’ चार्जशीट के मुताबिक पीएम नरेन्द्र मोदी को निशाना बनाने की बातें आईएस के संदिग्ध आतंकी के पास से बरामद हुए सेलफोन और पेन ड्राइव से पता चली हैं। कथित आतंकी इन्हीं से मैसेजिंग एप के ​जरिए संदेश भेजा करता था।

​संदिग्ध आतंकी का नाम उबैद मिर्जा है। मिर्जा, वकालत की प्रैक्टिस करता था। जबकि एक अन्य संदिग्ध आतंकी कासिम स्टिंबरवाला, अंकलेश्वर के सरदार पटेल अस्पताल और हृदय रोग संस्थान में मार्च 2017 तक बतौर लैब टेक्निश्यिन काम किया करता था। दोनों ही सूरत के रहने वाले हैं। इन्हें गुजरात एटीएस ने 25 अक्टूबर 2017 को अंकलेश्वर से गिरफ्तार किया था। स्टिंबरवाला ने गिरफ्तारी से महज 21 दिन पहले ही नौकरी से इस्तीफा दिया था। वह जमैका जाना चाहता था, जहां से वह विवादित धर्म प्रचारक शेख अब्दुल्ला अल फैसल के साथ जिहादी मिशन से जुड़ना चाहता था। ये बातें एटीएस के अधिकारियों ने कही हैं। उनके मुताबिक आईएस के कुछ संदिग्ध आतंकी, जो अब गवाह बन चुके हैं। ये जानकारी उन्हीं के हवाले से दी जा रही है।

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कासिम स्टिंबरवाला ने जमैका के पिनैकल हेल्थकेयर लिमिटेड में नौकरी के लिए आवेदन दिया था। एटीएस को अधिकारियों को उसके पास से 22 सितंबर, 2017 से लेकर 21 सितंबर 2019 तक काम करने का वर्क परमिट मिला है। चार्जशीट के मुताबिक 10 सितंबर 2016 को रात 11.24 बजे मिर्जा ने संदेश भेजा कि अगर पक्का पिस्टल खरीदनी हो तब मैं उसके साथ संपर्क साधने की कोशिश करूंगा। एटीएस के मुताबिक कासिम किसके जरिए पिस्टल खरीद की डील करने वाला था, ये जानकारी अभी हासिल नहीं हो पाई है।

चार्जशीट के मुताबिक,’रात 11.28 बजे, मिर्जा को सोशल मीडिया पर एक शख्स ने संपर्क किया। उसका नाम फरारी था। उसने कहा,’हां, मोदी को स्नाइपर राइफल से मार दो।’ आईएस के सभी संदिग्ध आतंकी जो बाद में मामले के गवाह बन गए, एक सोशल मीडिया ग्रुप से ताल्लुक रखते थे। इस आतंकी ग्रुप का नाम ‘अंसार उल तवहीद’ था। एटीएस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘हमने आतंकी संदेशों के प्रचार के आरोपी गवाहों के बयान धारा 164 के तहत दर्ज किए हैं।’

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