Human rights activist Gautam Navlakha reasoned why former AMU student Mannan Wani ‘forced to pick up guns’ speking at Convention Against State Excesses At AMU – एएमयू: मानवाधिकार कार्यकर्ता ने संदिग्ध आतंकी को बताया ब्राइट स्टूडेंट, बोले- क्यों बंदूक उठाया, सोचना होगा

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) में आयोजित किए एक सम्मेलन का वीडियो सामने आया है, जिसमें मानवाधिकार कार्यकर्ता की बातों को विवादित कहा जा रहा है। मानवाधिकार कार्यकर्ता गौतम नवलाखा वीडियो में एक आतंकवादी के प्रति कथित तौर पर सहानुभूति जताते हुए देखे जा रहे हैं। नवलाखा कथित तौर पर जम्मू-कश्मीर के हालातों के बारे में बात करते हुए भारतीय सेना पर भी विवादित टिप्पणी करते हुए देखे जा रहे हैं। वीडियो में नवलाखा आतंकी संगठन में शामिल हो चुके अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र मन्नान वानी की बात करते हुए सिस्टम पर सवाल उठाते हुए देखे जा रहे हैं। नवलाखा कहते हैं कि मन्नान से एमयू में ही उनकी पहली और आखिरी मुलाकात हुई थी। वह कहते हैं कि मन्नान जैसे होशियार और ब्राइट स्टूडेंट ने बंदूक क्यों उठा ली, यह सोचना चाहिए। वह कहते हैं कि आखिर मन्नान जैसा छात्र बंदूक उठाने के लिए क्यों मजबूर हुआ? आखिर मन्नान को क्यों लगा कि इसके सिवा और कोई रास्ता नहीं है? आगे वह सिस्टम पर सवाल उठाते हुए कहते है कि आप मन्नान वानी जैसे को भी मजबूर कर देते हैं, कि और कोई रास्ता उसको नजर नहीं आता है बंदूक उठाने के सिवा, लड़ने के सिवा। वो डिमोक्रेसी कश्मीर में तो नहीं थी, लेकिन जिस डेमोक्रेसी की हम बात कर रहे हैं… वो अलीगढ़ में पढ़ता था।

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मानवाधिकार कार्यकर्ता कश्मीर के हालातों का जिक्र करते सेना और सैन्य प्रमुख जनरल बिपिन रावत के खिलाफ विवादित टिप्पणी करते हुए वीडियो में देखे जा रहे हैं। नवलाखा कहते हैं कि आर्मी चीफ कहते थे कि 200-300 मिलिटेंट्स हैं, हमारी 6 लाख की फौज है, इनका को खात्मा हो जाएगा, मामूली चीज है। इसी तरह की बयानबाजी आ रही थी। आज वहीं आर्मी चीफ मिलिटेंट्स को कहता है, आप हमें हरा नहीं सकते, लेकिम हम भी आपको हरा नहीं सकते। जहां आर्मी चीफ इतना सब कुछ कहकर गए, जनवरी में वो आए थे, आर्मी का काम संभाला तो उन्होंने बड़े बड़े वादे किए थे हिन्दुस्तानियों के साथ और वॉर्निंग दी थी कश्मीरियों को अगर तुमने मिलिटेंट्स का साथ दिया तो तुम्हें ओवर ग्राउंड वर्कर कहकर हम स्वतंत्र कर देंगे। और उसने तो यह भी कहा कि काश ये लोग बंदूक उठा दें जिससे कि मैं इनको गोली से मार देता।

पिछली साल जनवरी में ये सब बड़े-बड़े बयान दिए थे, आज वो कह रहे हैं न हम आपको हरा सकते हैं न आप मुझे। बता दें कि नवलाखा पहले भी अपने विवादित बयानों को लेकर सुर्खियों में रह चुके हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उड़ी आतंकी हमले को लेकर उन्होंने कहा था कि भारत ने पाकिस्तान को बदनाम करने के लिए उड़ी अटैक का इस्तेमाल किया। आंतकी अफजल गुरू की फांसी को उन्होंने ऐतिहासिक गलती बताया था और यह भी कहा था कि भारत के संविधान में कश्मीर समस्या का समाधान नहीं है।

सेना प्रमुख पर टिप्पणी वाला बयान यहां क्लिक कर सुनें

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