Karnataka Election Results 2018: know why pm narendra modi and amit shah skipped swearing in ceremony of karnataka cm Yeddyurappa – Karnataka Election Results 2018: एक ट्वीट की वजह से ‘शर्मिंदा’ हुई बीजेपी? जानें येदियुरप्पा के शपथग्रहण में क्यों नहीं पहुंचे नरेंद्र मोदी-अमित शाह

Karnataka Election Results 2018: कर्नाटक में गुरुवार (17 मई) को येदियुरप्पा ने सीएम पद की शपथ तो ली, लेकिन बीजेपी के दक्षिण द्वार में प्रवेश का ये कार्यक्रम फीका सा रहा। बीजेपी ने कर्नाटक के दक्षिणी राज्य कर्नाटक में दूसरी बार सरकार बनाई है। बीजेपी के सबसे नामी चेहरे पीएम नरेंद्र मोदी और अध्यक्ष अमित शाह इस कार्यक्रम में नहीं पहुंचे। दरअसल मोदी और अमित शाह एक रणनीति के तहत इस कार्यक्रम में नहीं पहुंचे। पार्टी सूत्रों के मुताबिक अगर ये दोनों यहां पहुंचते तो इससे संदेश जाता कि कर्नाटक के राज्यपाल वजुभाई वाला से सरकार बनाने के लिए मिला न्योता, फिर इसमें मोदी-शाह की मौजूदगी सब कुछ पूर्व नियोजित था। इससे पहले बुधवार को कर्नाटक बीजेपी की एक ट्वीट की वजह से किरकिरी हो चुकी थी। राज्यपाल से सरकार बनाने का न्योता मिलने से पहले ही कर्नाटक बीजेपी ने ट्वीट कर दिया कि गुरुवार को येदियुरप्पा सीएम पद की शपथ लेने जा रहे हैं।

संबंधित खबरें

इस ट्वीट से माहौल ऐसा बन गया कि बीजेपी को पहले से ही पता था कि गुजरात से ताल्लुक रखने वाले और मोदी के विश्वासपात्र राज्यपाल वजुभाई वाला कर्नाटक में पैदा हुई सियासी संकट में क्या करने वाले हैं। हालांकि इस ट्वीट को कर्नाटक बीजेपी को मिटाना पड़ गया, लेकिन तबतक नुकसान हो चुका था। बता दें कि येदियुरप्पा पहले से भी कहते आ रहे थे कि वह 17 मई को सीएम पद की शपथ लेंगे। द टेलिग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक इससे पूरे मामले के पूर्व नियोजित होने के विपक्ष के आरोप को और भी बल मिल रहा था।

इन आरोपों के साये में बीजेपी ने कर्नाटक में येदियुरप्पा के शपथ ग्रहण समारोह को एक सामान्य कार्यक्रम बनाकर रखा। हालांकि अगर बीजेपी एक बार कर्नाटक में बहुमत सिद्ध करने में कामयाब हो जाती है तो इसके बाद पार्टी बड़ा कार्यक्रम आयोजित करेगी। एक सूत्र ने कहा, “राज्यपाल से बुलावा अचानक आया, इतने छोटे वक्त में पीएम और पार्टी अध्यक्ष कैसे आ सकते थे, एक बार सीएम फ्लोर टेस्ट पास कर लें, हम लोग बड़ा कार्यक्रम करेंगे।” मोदी और शाह के इस कार्यक्रम में ना पहुंचने की एक वजह यह भी थी कि पूरा मामला सुप्रीम कोर्ट में जा चुका है। लिहाजा इन दोनों नेताओं का शपथ ग्रहण में जाना गलत संदेश दे सकता था।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *