Madhya Pradesh Minister Gopal Bhargava says Why not protest against women seen wearing underwear on Television – मध्य प्रदेश के मंत्री बोले- टेलिविजन पर चड्ढी पहनी महिलाओं का विरोध क्यों नहीं

मध्य प्रदेश के पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री गोपाल भार्गव ने महिलाओं को लेकर एक विवादित बयान दिया है। गोपाल भार्गव ने कहा है कि टेलिविजन पर चड्ढी पहने दिखती महिलाओं का विरोध कोई क्यों नहीं कर रहा है। गोपाल भार्गव ने यह बयान दरअसल पत्रकारों के द्वारा किए गए एक सवाल के जवाब में दिया। स्थानीय मीडिया के अनुसार पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री गोपाल भार्गव की तरफ से सागर जिले के गढ़ाकोटा में ‘रहस मेले’ का आयोजन कराया गया है। इस मेले में महिलाओं के द्वारा किए जाने वाले बुंदेली लोक नृत्य ‘राई’ को लेकर कुछ लोग शासन पर सवाल उठा रहे हैं। लोगों की तरफ से कहा जा रहा है कि किसान आत्महत्या कर रहे हैं और मंत्री जी राई नृत्य करवा रहे हैं। इसी के संबंध में जब पत्रकारों ने मंत्री गोपाल भार्गव से सवाल किया तो उन्होंने विवादित बयान दे दिया।

गोपाल भार्गव ने कहा- ”हम कभी कभी औचित्य के प्रश्न पूछते हैं, 22 गज का घाघरा पहन के, सर ढक के और जो हमारी माताएं बहनें भी कहलें, महिलाएं भी कह लें, नृत्य करती हैं, वो ठीक है कि टेलीविजन पर आप जो चड्ढी पहने देख रहे हैं, उसका विरोध कोई क्यों नहीं कर रहा है? क्यों नहीं कर रहा है विरोध? आप मोबाइल पर देखते हो उसको और देख रहे हैं 90 परसेंट लोग।”

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गोपाल भार्गव के विवादित बयान वाला वीडियो न्यूज तक के यूट्यूब चैनल पर शेयर किया गया है। करीब 26 सेकेंड के वीडियो में मंत्री गोपाल भार्गव मेले में राई नृत्य के बचाव में महिलाओं पर ही विवादित बयान देते हुए देखे जाते हैं। हाल ही में गोपाल भार्गव किसानों की आत्महत्या तुलना विधायकों की मौत से करके सुर्खियों में आ गए थे। उन्होंने 10 विधायकों की मौत का हवाला देते हुए कहा था कि किसानों की मौत पर इतना बवाल क्यों मचा है?

गोपाल भार्गव ने कहा था कि लोगों की मौत तनाव के चलते ब्रेन हेमरेज और दूसरे कारणों से हो जाती है, हम सभी यात्राएं करते हैं तो जीवन खतरे में रहता है, लेकिन किसान की मौत पर ही इतनी हाय-तौबा क्यों मची है। हालांकि बाद में उन्होंने किसानों से हमदर्दी जताते हुए सफाई भी दी थी। पिछले साल जून में गोपाल भार्गव एक महिला अधिकारी को ‘बाई’ कहकर विवादों में घिर गए थे।

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