National Film Awards Row: I would have been equally happy if IB Minister had given me the award, Says Boney Kapoor – राष्‍ट्रीय फिल्‍म पुरस्‍कार न लेने वालों पर भड़के बोनी कपूर, कहा- मुझे मंत्री भी अवार्ड देतीं तो इतना ही खुश होता

दिल्ली के विज्ञान भवन में गुरुवार (03 मई) को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों का वितरण समारोह संपन्न हुआ, लेकिन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के हाथों सभी कलाकारों को पुरस्कार वितरित न किए जाने के कारण कार्यक्रम विवादों में भी घिर गया। कई कलाकारों ने पुरस्कार लेने इनकार कर दिया। फिल्म निर्माता और निर्देशक बोनी कपूर उन कलाकारों पर भड़क गए जिन्होंने इस समारोह से दूरी बनाई। बोनी कपूरी ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा- ”मैं तब भी उतना ही खुश होता जब सूचना और प्रसारण मंत्री मुझे पुरस्कार देतीं। आखिरकार यह काम की पहचान है। मुझे समझ नहीं आता कि इसे लेकर क्या गड़बड़ है।” बोनी कपूर ने आगे कहा- ”मैं बेहद खुश और गौरवान्वित हूं। यह वही है जो उन्हें (श्रीदेवी को) फिल्म इंडस्ट्री में 50 वर्षों तक काम करने के बाद मिला। यह सबसे बड़ा सम्मान है। हम उन्हें याद करते हैं और आज हम उन्हें और ज्यादा याद कर रहे हैं।” बोनी कपूर बेटी जाह्नवी और खुशी के साथ दिवंगत अभिनेत्री श्रीदेवी को फिल्म ‘मॉम’ के लिए दिए गए मरणोपरांत बेस्ट एक्ट्रेस का पुरस्कार लेने पहुंचे थे।

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बता दें कि भारत के राष्ट्रपति पारंपरिक तौर पर इन पुरस्कारों को बांटते आए हैं, लेकिन इस बार कुछ शीर्ष पुरस्कारों को राष्ट्रपति के हाथों वितरित किए जाने का कार्यक्रम रखा गया। इस पर कुछ कलाकारों ने नाराजगी जताई और समारोह का बहिष्कार किया। गायिका शाशा तिरुपति ने यहां तक कहा कि वह अपमानित महसूस कर रही हैं, ऑस्कर विजेता ध्वनि कलाकार रेसुल पूकुट्टी ने कहा कि ”हमें तीन घंटे नहीं दे सकते, तो मत दीजिए राष्ट्रीय पुरस्कार।” शाशा ने मणिरत्नम द्वारा निर्देशित फिल्म ‘काटरू वेलियीदाई’ में ‘वान वरुवान’ के लिए सर्वश्रेष्ठ पार्श्वगायक का पुरस्कार जीता है। इस गाने को एआर रहमान ने कंपोज किया है।

रहमान ने तमिल फिल्म के लिए संगीत निर्देशन का राष्ट्रीय पुरस्कार भी जीता है। शाशा ने मीडिया से कहा- “हां, राष्ट्रीय पुरस्कार मिला, लेकिन राष्ट्रपति के हाथों से नहीं। यहां आने पर पता चला कि सिर्फ 11 लोगों को राष्ट्रपति द्वारा पुरस्कार दिया जाएगा।” उन्होंने आगे कहा- “इसके बारे में बात मत कीजिए। मैं अब बहुत ही अपमानित महसूस कर रही हूं।” शाशा ने कहा- “ऐसा लग रहा है कि वह रोमांच गायब हो गायब हो गया। मैं बहुत उत्साहित थी। मेरे पिता वैंकूवर से आने वाले थे। यह बहुत ही निराश करने वाला है, क्योंकि वह मुझे राष्ट्रपति के हाथों से पुरस्कार मिलते देखने के लिए आना चाहते थे।” शाशा की तरह कई कलाकारों ने नाराजगी व्यक्त की।

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