Pariksha Par Charcha, PM Narendra Modi Speech Today LIVE Today: List of Books Written by Different Prime Ministers of India – Pariksha Par Charcha: PM Narendra Modi ने लिखी एग्जाम वॉरियर्स, यूरीन थेरेपी पर लिख चुके हैं मोरारजी देसाई , जानें किस पीएम ने क्या लिखा

PM Narendra Modi, Pariksha Par Charcha: देश भर के स्कूल-कॉलेजों के बच्चे परीक्षाओं से गुजरने वाले हैं। उनके तनाव को कम करने के मकसद से पीएम नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को देश भर के बच्चों से बातचीत की और अपने अनुभव शेयर किए। पीएम ने हाल ही में स्कूली बच्चों के लिए ‘एग्जाम वॉरियर्स’ नाम की किताब भी लिखी है। राजनीतिक जानकार मानते हैं कि 2019 में पहली बार वोट देने जा रहे युवाओं को लुभाने के लिए यह कदम उठाया गया है। पीएम नरेंद्र मोदी इससे पहले भी कई किताबें लिख चुके हैं। पीएम मोदी ने अपनी कविताएं और डायरी संकलन भी प्रकाशित कराया है। वह कुल 14 किताबें लिख चुके हैं। वहीं, एनडीए सरकार के पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी भी 11 किताबें लिख चुके हैं। इनमें से कुछ उनकी कविताओं का संकलन है। इनमें ‘क्या खोया क्या पाया’ और ’21 पोएम्स’ सबसे ज्यादा मशहूर हैं।

देश के पहले पीएम जवाहर लाल नेहरू ने भी कई किताबें लिखीं। इनमें से कुछ तो उन्होंने ब्रिटिश शासनकाल में जेल काटने के दौरान लिखीं। दिलचस्प चीज यह है कि उन्हें लिखने के लिए हर रोज सीमित संख्या में कागज दिए जाते थे। नेहरू को अपने लेखन की वजह से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति मिली। उनकी लिखी किताबों में सबसे ज्यादा मशहूर है 595 पन्नों की ‘डिस्कवरी ऑफ इंडिया।’ इसके अलावा, उन्होंने ‘फ्रीडम- एन ऑटोबायोग्राफी’ और ‘ग्लिम्प्स ऑफ वर्ल्ड हिस्ट्री’ जैसी किताबें भी लिखीं। नेहरू की बेटी और देश की पहली महिला पीएम इंदिरा गांधी ने चार किताबें लिखीं। इनके नाम हैं, ‘माय ट्रुथ’, ‘पीपुल एंड प्रॉब्लम्स’, ‘इटरनल इंडिया’ और ‘ऑफ मैन ऐंड हिज इनवायरमेंट’ है।

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चौधरी चरण सिंह ऐसे पीएम हुए जिन्होंने किसानों की समस्याओं को भारतीय राजनीति की मुख्यधारा का हिस्सा बनाया। ग्रामीण भारत और किसानों की समस्याओं पर उन्होंने 8 किताबें लिखीं। उनकी लिखी किताबों में सबसे मशहूर है, ‘द गांधियन ब्लूप्रिंट’ और ‘अबोलिशन ऑफ जमींदारी।’ पूर्व पीएम वीपी सिंह ने 2006 में अपनी कविताओं का संकलन प्रकाशित किया। इसका नाम था ‘एवरी टाइम आई वोकअप।’ वहीं, पीएम चंद्रशेखर ने भारत की सामाजिक और राजनीतिक हालत पर तीन किताबें लिखीं। इसके अलावा, उन्होंने एक ऑटोबायोग्राफी भी लिखी, जिसका नाम है- ‘जिंदगी का कारवां।’ 1977 में उनकी जेल में लिखी डायरी भी प्रकाशित हुई। पीएम मोरारजी देसाई ने ऐसी किताब लिखी, जिसका शीर्षक आपको चौंका सकता है। उनकी लिखी किताब का नाम था, ‘मिरेकल्स ऑफ यूरीन थेरेपी।’ मोरारजी देसाई अपनी नियमित जीवनशैली में इसका पालन करते थे। उन्होंने ‘स्टोरी ऑफ माय लाइफ’ और ‘नेचर केयर’ नाम की दो किताबें भी लिखीं।

पी वी नरसिम्हा राव ने तीन किताबें लिखीं। इनमें से एक बाबरी मस्जिद विध्वंस पर आधारित है। वहीं, इंद्र कुमार गुजराल ने भारत की विदेश नीति पर खूब लिखा। दरअसल, पीएम बनने से पहले वह दो बार विदेश मंत्री रहे। उन्होंने 2003 में ‘कॉन्टीन्यूटी ऐंड चेंज’ और 2004 में ‘व्यूपॉइंट: सिविलाइजेशन, डेमोक्रेसी ऐंड फॉरेन पॉलिसी’ लिखी। 2011 में उनकी लिखी ऑटोबायोग्राफी ‘मैटर्स ऑफ डिस्क्रिएशन’ भी प्रकाशित हुई। मनमोहन सिंह एक जानेमाने शिक्षाविद हैं। उन्होंने भी ‘एक्सपोर्ट ट्रेंडस एंड प्रॉस्पेक्ट्स फॉर सेल्फ सस्टेंड ग्रोथ’ नाम की किताब लिखी। लाल बहादुर शास्त्री, राजीव गांधी और एचडी देवेगौड़ा ऐसे पीएम रहे, जिन्होंने कोई किताब नहीं लिखी।

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