PM Narendra Modi asks UP CM Yogi Adityanath, why all is not well? BJP President Amit Shah, Uttar Pradesh, Dalit attrocity – सीएम आदित्‍य नाथ से पीएम नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने पूछा- यूपी में क्‍यों सब नहीं है ठीक!

गोरखपुर और फूलपुर संसदीय उप चुनावों में मिली हार और हाल के दिनों में बीजेपी के चार दलित सांसदों के तल्ख तेवरों के बाद शनिवार (07 अप्रैल) को यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात की। सूत्रों के मुताबिक पीएम ने सीएम से पूछा है कि राज्य में क्यों नहीं सबकुछ ठीक ठाक चल रहा है? पीएम मोदी ने राज्य नेतृत्व के खिलाफ पनप रहे असंतोष पर चिंता जताई है और योगी सरकार से ठोस कदम उठाने को कहा है। पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने भी योगी आदित्यनाथ को विभिन्न मुद्दों पर सरकार की विफलताओं के बारे में बताया है और कहा है कि वो खुद हालात की समीक्षा के लिए 11 अप्रैल को लखनऊ जाएंगे। माना जा रहा है कि अमित शाह का यह दौरा योगी सरकार के खिलाफ उपजे असंतोष और उसकी जमीनी सच्चाई भांपने के लिए आयोजित किया जा रहा है। बता दें कि पिछले 10 दिनों में उत्तर प्रदेश से जीतकर आने वाले बीजेपी चार दलित सांसदों ने योगी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए दलित उत्पीड़न की घटनाओं पर रोष जताया है।

इधर, कुछ दिनों पहले राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के दो उच्च पदस्थ स्वयंसेवकों कृष्ण गोपाल और दत्तात्रेय होसाबले ने यूपी में उपजे हालात पर दोनों उप मुख्यमंत्रियों, मंत्रियों, पार्टी पदाधिकारियों, जमीनी स्तर पर जुड़े कार्यकर्ताओं और आमलोगों से फीडबैक लेकर प्रधानमंत्री और बीजेपी अध्यक्ष को सौंपा है। इस रिपोर्ट के आधार पर पीएम मोदी और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने सीएम योगी आदित्यनाथ से स्पष्टीकरण मांगा है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर सीएम-पीएम और पार्टी अध्यक्ष की मीटिंग को शिष्टाचार भेंट कहा जा रहा है मगर सूत्रों के मुताबिक इस मीटिंग के परिणाम जल्द ही देखने को मिल सकते हैं।

अब माना जा रहा है कि यूपी में सरकार और संगठन के स्तर पर बड़ा फेरबदल हो सकता है। हालांकि, इस बात की चर्चा उप चुनावों में मिली हार के बाद से ही है। उस समय योगी सरकार ने पुलिस और प्रशासन के स्तर पर बड़ा फेरबदल किया था। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक आरएसएस स्वयंसेवकों की रिपोर्ट में सपा-बसपा गठबंधन के बाद की राजनीतिक स्थितियों के बारे में विशेष उल्लेख किया गया है कि मुस्लिमों और दलितों का ध्रुवीकरण बीजेपी के खिलाफ हो रहा है।

गौरतलब है कि यूपी के नगीना से दलित सांसद यशवंत सिंह, रॉबर्ट्सगंज के सांसद छोटेलाल खैरवार ने पत्र लिखकर राज्य में दलित उत्पीड़न की शिकायत की थी। खैरवार ने तो सीधे तौर पर मुख्यमंत्री की शिकायत पीएम से की थी और बेइज्जत कर बाहर निकालने का आरोप लगाया था। वहीं यशवंत सिंह का आरोप था कि पिछले चार साल में 30 करोड़ दलितों के लिए मोदी सरकार ने कोई काम नहीं किया। इनके अलावा इटावा से सांसद अशोक दोहरे और बहराइच से सांसद सावित्री बाई फूले ने भी दलित उत्पीड़न के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था।

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