Rahul Gandhi did not take any question in the three minute press conference – पौने तीन मिनट की प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में नहीं लिया कोई सवाल, अचानक उठकर चले गए राहुल गांधी

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की यहां पहली बार आयोजित प्रेस वार्ता बुधवार को केवल पौने तीन मिनट तक ही चली। यह प्रेस वार्ता कांग्रेस की राज्य और शहर इकाई ने सुबह 8:30 बजे बांद्रा में आयोजित की थी। प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और ऑनलाइन मीडिया के लगभग 100 से ज्यादा मीडियाकर्मी इस प्रेस वार्ता में भाग लेने आए थे, जहां राहुल तय समय से लगभग एक घंटा देरी से पहुंचे। प्रारंभिक परिचय के बाद, कांग्रेस अध्यक्ष से 2019 लोकसभा चुनाव से पहले विपक्षी गठबंधन का नेतृत्व संभालने के उनकी इच्छा के संबंध में प्रश्न पूछा गया।

इस सवाल को परे रखकर, राहुल ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ(आरएसएस) की अपनी आलोचना को दोहराया। इसके बारे में भी उन्होंने बमुश्किल 2 मिनट तक बोला। इसके बाद उन्होंने सभी को धन्यवाद दिया और अचानक उठ गए, जिसके बाद प्रेस वार्ता समाप्त हो गई। पार्टी के एक अधिकारी ने बाद में कहा, “राहुलजी को नागपुर, नांदेड़ और अन्य जगहों पर अपनी यात्रा के लिए देरी हो रही थी।”

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कई मीडियाकर्मी सुबह छह बजे ही बांद्रा स्थित प्रेसवार्ता स्थल तक पहुंचने के लिए निकले थे। कांग्रेस नेता संजय निरुपम ने इसके लिए माफी मांगते हुए पीआर टीम को जिम्मेदार ठहराया। निरुपम ने आईएएनएस से कहा, “हमने स्पष्ट तौर पर कहा था कि वह इलेक्ट्रोनिक मीडिया से थोड़ी देर ही बात करेंगे। प्रिंट मीडिया को भी खासतौर पर बताया गया था कि वे उनसे सवाल नहीं पूछ सकते। कार्यक्रम वैसे ही हुआ जैसे प्रस्तावित था।”

राहुल गांधी ने पौने तीन मिनट की इस पीसी में बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा, ‘महागठबंधन का विचार देश में है। ये पूरा का पूरा विपक्ष पीएम मोदी, बीजेपी और आरएसएस के खिलाफ खड़ा हो रहा है। यह विचार केवल राजनैतिक लोगों में नहीं है, यह जनता में भी है। जनता के अंदर यह सवाल है कि जिस प्रकार से पीएम मोदी, बीजेपी भारत के संविधान पर आक्रमण कर रहे हैं, इसे रोकने की जरूरत है। इसे रोकने की कोशिश कांग्रेस और बाकी पार्टियां कर रही हैं। मुख्य मुद्दा यह है कि जो सबसे अमीर लोग हैं भारत में सरकार उनके लिए काम कर रही है। उनका लाखों करोड़ रुपए का कर्जा माफ किया। पूर्व पीएम मनमोहन सिंह जी के कार्यकाल के दौरान पेट्रोल का दाम 140 डॉलर प्रति बैरल हुआ करता था, आज शायद 70 डॉलर प्रति बैरल है, मतलब पेट्रोल के दाम गिरे हैं, लेकिन आम जनता है, मुंबई की जो जनता है, हर रोज उनके पेट्रोल के दाम बढ़ते हैं, डीजल के दाम बढ़ते हैं। यह पैसा कहां जा रहा है, यह पैसा देश के सबसे अमीर लोगों की जेब में जा रहा है।’

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