tripura bar council election bjp won 10 seats out of 15 cpm won 4 – त्रिपुरा बार काउंसिल चुनाव: 15 में से 10 पदों पर बीजेपी का कब्जा

त्रिपुरा में 25 साल शासन करने वाली वामपंथी सरकार को सत्ता से बेदखल करने वाली भारतीय जनता पार्टी की जीत का राज्य में सिलसिला अभी तक जारी है। बता दें कि हाल ही में हुए त्रिपुरा के बार काउंसिल चुनाव में 15 में से 10 सीटों पर भाजपा का कब्जा हो गया है। त्रिपुरा बार काउंसिल के एक वरिष्ठ सदस्य ने इस बात की पुष्टि की है। वहीं बाकी 5 सीटों में से 4 पर सीपीएम जीत दर्ज करने में कामयाब रही है, वहीं एक सीट कांग्रेस के खाते में गई है। मुख्यमंत्री बिप्लब देब ने वकीलों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हम त्रिपुरा को कम्यूनिस्टों के शासन से मुक्त करने के लिए एक कदम और आगे बढ़े हैं।

उल्लेखनीय है कि त्रिपुरा बार काउंसिल के एग्जीक्यूटिव पैनल में 15 सदस्य होते हैं। इन 15 सदस्यों के चुनाव के लिए बीती 28 फरवरी को बार काउंसिल के 1000 सदस्यों में से 853 सदस्यों ने वोट डाले थे। सोमवार घोषित हुए परिणामों के तहत भाजपा ने इस पैनल की 10 सीटों पर जीत हासिल की है। इससे पहले मार्च माह में ही भाजपा-आईपीएफटी गठबंधन ने त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज कर राज्य में लंबे समय से चले आ रहे वामपंथी शासन का अंत किया था। राज्य की 59 सीटों के लिए हुए चुनाव में भाजपा ने 35 सीटों पर जीत दर्ज की थी, वहीं भाजपा की सहयोगी पार्टी आईपीएफटी ने 8 सीटों पर कब्जा जमाया था। कम्यूनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया 16 सीटों पर ही जीत दर्ज कर सकी थी।

संबंधित खबरें

अब त्रिपुरा की भाजपा सरकार ने फैसला किया है कि वह राज्य में 78 अवैध निर्माणों को ध्वस्त करेगी। इन 78 अवैध निर्माणों में राजनैतिक पार्टियों के कार्यालय और ट्रेड यूनियनों के ऑफिस शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि अवैध निर्माण की पहचान के लिए सर्वे 25 दिनों में कर लिया जाएगा। वहीं अवैध निर्माण ढहाने की कारवाई 6 मई के बाद की जा सकती है। अवैध निर्माण ध्वस्त करने के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाएंगे। जरुरत पड़ने पर केन्द्रीय बलों की भी तैनाती की जा सकती है। फिलहाल प्रशासन की ओर से अवैध निर्माण करने वालों को नोटिस भेजा जा रहा है। बताया जा रहा है कि इस अवैध निर्माण में कई कार्यालय सीपीएम के हैं। अवैध निर्माण ढहाए जाने पर सीपीएम के नेताओँ का कहना है कि उन्हें अभी तक किसी तरह का कोई नोटिस नहीं मिला है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *