Famous Journalist Rajat Sharma Will Contest for DDCA president Election – दिल्‍ली जिला क्रिकेट संघ के अध्‍यक्ष का चुनाव लड़ेंगेे पत्रकार रजत शर्मा

मशहूर पत्रकार रजत शर्मा ने भी दिल्ली और जिला क्रिकेट एसोसिएशन के चुनावों के लिए ताल ठोंक दी है। रजत शर्मा ने चुनावों में अध्यक्ष पद के लिए दावेदारी पेश की है। इस पद के लिए चुनाव आने वाले 30 जून को होने वाले हैं। रजत शर्मा, हिंदी न्यूज चैनल इंडिया टीवी के चेयरमैन और प्रधान संपादक हैं। वह चैनल पर लोकप्रिय शो ‘आप की अदालत’ भी होस्ट करते हैं। बुधवार (16 मई) को रजत शर्मा ने पत्रकारों से बातचीत में बताया,’कई क्रिकेटर मित्र और प्रशासक लंबे वक्त से मुझ पर दबाव बना रहे थे कि मैं डीडीसीए में आ जाऊं। लेकिन मैं इसे किसी तरह से टाल रहा था। लेकिन अंत में एक क्रिकेट प्रेमी होने के नाते दोस्तों की सलाह मैंने मान ली है।’

इंडियन एक्सप्रेस को दिए अपने बयान में रजत शर्मा ने बताया कि उन्होंने चुनाव लड़ने का फैसला करने से पहले वित्त मंत्री अरुण जेटली से इजाजत भी ली थी। रजत शर्मा और अरुण जेटली एक-दूसरे को लंबे वक्त से जानते हैं। अरुण जेटली डीडीसीए के अध्यक्ष पद पर करीब 10 सालों तक काबिज रहे। इसके बाद वह 2014 तक डीडीसीए के संरक्षक भी रहे। रजत शर्मा ने कहा,” अरुण जेटली के साथ मेरे रिश्ते करीब 44 साल पुराने हैं। डीडीसीए में उनका योगदान अतुलनीय है। मैं बिना उनकी इजाजत के डीडीसीए में कदम नहीं रखना चाहता था।’

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बुधवार को रजत शर्मा ने डीडीसीए के पूर्व कोषाध्यक्ष नरेंद्र बत्रा से भी मुलाकात की। बत्रा इस वक्त भारतीय ओलंपिक एसोसिएशन और अंतरराष्ट्रीय हॉकी फेडरेशन के अध्यक्ष हैं। खेल कमिटी के पूर्व कन्वीनर विनोद तिहारा भी शर्मा से मुलाकात करने वालों में शामिल थे। उनके साथ डीडीसीए के पूर्व अध्यक्ष स्नेह बंसल भी थे, जिन पर फंड के दुरुपयोग का आरोप है। तिहारा, क्रिकेट संघ में सचिव का चुनाव लड़ रहे हैं। उन्होंने रजत शर्मा के फैसले का स्वागत किया। तिहारा ने कहा,”रजत शर्मा साफ छवि वाले इंसान हैं। ये क्रिकेट संघ के लिए सम्मान की बात होगी कि उनके जैसे लोग संघ से जुड़ते हैं। ये क्रिकेट के लिए फायदे की बात होगी।’ भाजपा विधायक ओम प्रकाश शर्मा और डीडीसीए के पूर्व संरक्षक राकेश बंसल भी अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के लिए चुनाव मैदान में हैं।

बता दें कि दिल्ली जिला क्रिकेट संघ में प्रशासनिक और वित्तीय गड़बड़ियों के कारण दिल्ली हाई कोर्ट ने रिटायर्ड जस्टिस मुकुल मुदगल को 2015 में आॅब्जर्वर के तौर पर नियुक्त किया था। पिछले साल जनवरी में जस्टिस मुदगल ने इच्छा जताई कि वह अब अपनी भूमिका को छोड़ना चाहते हैं। इस वजह से हाई कोर्ट ने रिटायर्ड जस्टिस विक्रमजीत सेन को बतौर आॅब्जर्वर तैनात किया था।

अपने बयान में रजत शर्मा ने कहा, मेरी कोशिश होगी कि मैं डीडीसीए में निष्पक्ष और साफ-सुथरा प्रशासन दे सकूं। मैं डीडीसीए से किसी भी किस्म का वेतन, खर्च या भत्ते नहीं लूंगा। मेरा मकसद इस महान खेल के लिए कुछ योगदान करने का है, मैं इससे किसी भी किस्म का आर्थिक या फिर पेशेवर फायदा नहीं उठाना चाहता हूं।’

डीडीसीए के चुनाव दिल्ली और चंडीगढ़ के पूर्व राज्य निर्वाचन अधिकारी रह चुके राकेश मेहता की देखरेख में होंगे। आदर्श आचार संहिता के मुताबिक, किसी भी किस्म की धोखाधड़ी की इजाजत लोढ़ा समिति की सिफारिशों के आधार पर नहीं दी जाएगी। उम्मीदवार मतदान वाले दिन मतदाताओं को पोलिंग बूथ तक लाने के लिए वाहन का इस्तेमाल नहीं करेंगे। एक सदस्य सिर्फ एक ही पद के लिए चुनाव लड़ सकेगा।

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