low population countries participation in fifa world cup – महाकुंभ में छोटे देशों की दस्तक

मनीष कुमार जोशी

आइसलैंड उत्तरी अटंलाटा में बसा एक छोटा सा देश है। इसकी जनसंख्या इतनी ही है जितनी हमारे देश के किसी बड़े कस्बे की। यहां सिर्फ 3,50,000 लोग रहते हैं। इस देश का जिक्र इसलिए हो रहा है क्योंकि इसने पहली बार विश्व कप के लिए क्वालीफाई किया है। इसके साथ ही वह विश्व कप में हिस्सा लेने वाला सबसे छोटा देश बन गया है। इसी तरह मध्य अमेरीका में बसा पनामा है। इसकी जनसंख्या लगभग 40 लाख है। पनामा ने अपने क्वालीफाई क्षेत्र में तीसरा स्थान प्राप्त कर विश्व कप में पहली बार जगह बनाई है। ट्यूनिशिया, सर्बिया, कोस्टारिका, सेनेगल, पेरू, क्रोएशिया और उरुग्वे जैसे छोटे देशों ने भी इस विश्व कप के लिए क्वालीफाई किया है।

32 लाख जनसंख्या वाला देश उरुग्वे फुटबॉल में एक ताकत के तौर पर जाना जाता है। उरुग्वे 13 बार विश्व कप खेल चुका है और दो बार चैंपियन भी रह चुका है। इससे पहले भी फीफा के इस टूर्नामेंट में छोटे देश हिस्सा ले चुके हैं। उरुग्वे के बाद किसी छोटे देश ने विश्व कप मे धमाल किया है तो वो है उत्तरी आयरलैंड। छोटी जनसंख्या वाले इस देश ने 1958 मे न केवल विश्व कप के लिए पात्रता पाई बल्कि चेकोस्लोवाकिया को पराजित कर क्वार्टर फाइनल में पहुंचा। इसके बाद उत्तरी आयरलैंड ने 1982 और 1986 में भी विश्व कप खेला। इसी तरह से जमैका ने 1998 और त्रिनिदाद और टौबेगो ने 2006 में विश्व कप के लिए क्वालीफाई किया। इन सभी देशों की जनसंख्या 50 लाख से कम है। हलांकि चीन और भारत दुनिया की सबसे ज्यादा आबादी वाले देश होकर भी इस मामले में काफी पीछे हैं। ये दोनों ही फुटबॉल में फिसड्डी हैं। चीन जहां केवल एक बार 2002 में विश्व कप के लिए क्वालीफाई कर पाया वहीं भारत एक बार भी इसकी पात्रता नहीं पा सका।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App




Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *