ब्रिटिश अदालत में विजय माल्या को बड़ा झटका, किंगफिशर एयरलाइंस को चुकाने होंगे 580 करोड़ रुपए – Vijay Mallya has Lost Another Legal Battle in Kingfisher Airlines Case in London

संकट में चल रहे उद्योगपति विजय माल्या अपनी फिलहाल बंद पड़ी किंगफिशर एयरलाइंस से जुड़ा एक और कानूनी मामला हार गए हैं। ब्रिटेन की एक अदालत ने विमान पट्टे पर लेने के इस मामले में उनके खिलाफ सिंगापुर की कंपनी बीओसी एविएशन का अनुमानित नौ करोड़ डॉलर का दावा सही ठहराया है। माल्या के खिलाफ भारत में कथित तौर पर लगभग 9000 करोड़ रुपए के कर्ज नहीं लौटाने के मामले हैं। उन्हें यहां से प्रत्यार्पित कराकर भारत ले जाने के मामले में 16 मार्च को फिर सुनवाई होनी है। बीओसी एविएशन से जुड़ा यह नया मामला 2014 में किंगफिशर एयरलाइंस द्वारा विमान पट्टे के अनुबंध से जुड़ा है। लंदन के हाइकोर्ट में बिजनेस व प्रोपर्टी कोर्ट में न्यायाधीश पिकेन ने व्यवस्था दी, प्रतिवादी के पास दावे के खिलाफ सफल बचाव का कोई वास्तविक परिदृश्य नहीं है।

इस मामले में प्रतिवादी के रूप में किंगफिशर एयरलाइंस लिमिटेड व यूनाइटेड ब्रेवरीज होल्डिंग्स लिमिटेड को नामित किया गया। वाद दावा बीओसी एविएशन सिंगापुर तथा बीओएसी एविएशन आयरलैंड लिमिटेड ने किया था। बीओसी एविएशन के एक प्रवक्ता ने सिंगापुर में कहा, हम फैसले से खुश हैं लेकिन इस स्तर पर आगे कोई टिप्पणी नहीं करेंगे। यह कानूनी दावा किंगफिशर एयरलाइंस व विमान लीजिंग कंपनी बीओसी एविएशन के बीच चार विमानों के लीजिंग समझौते से जुड़ा है। इनमें से तीन विमानों की आपूर्ति की गई।

संबंधित खबरें

चौथे विमान की आपूर्ति रोक दी गई क्योंकि लीज समझौते के तहत अग्रिम में ही राशि बकाया थी। बीओसी एविएशन ने दावा किया कि जमानत राशि से उस भुगतान की वसूली भी संभव नहीं है जो कि किंगफिशर एयरलाइंस को समझौते के तहत उसे करनी होगी। इस फैसले पर किंगफिशर एयरलाइंस की ओर से तत्काल कोई टिप्पणी नहीं आई। उल्लेखनीय है कि लंदन की एक अदालत में विजय माल्या को भारत वापस भेजने संबंधी मामलो में अंतिम चरण की सुनवाई 16 मार्च से होनी है। इसमें फैसला मई में आ सकता है। माल्या इस समय जमानती बांड पर हैं।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *