Budget 2018: Here is the best investment plan for senior citizen for this financial year – सीनियर सिटीजन के लिए इन्वेस्टमेंट करने के इस साल हैं अच्छे ऑप्शन

यह वित्तीय वर्ष समाप्त होने जा रहा है, इसलिए आने वाले वित्तीय वर्ष के लिए अपने पोर्टफोलियो को ठीक से प्लान करने का यही सही समय है। आम बजट 2018 में वित्तमंत्री अरुण जेटली ने वरिष्ठ नागरिकों के लिए टैक्स में कुछ राहत देने और बचत को बढ़ाने में मदद करने के लिए कुछ अनुकूल घोषणाएं की थीं। चलिए देखते हैं कि एक वरिष्ठ नागरिक सही निवेश साधनों का चयन करके कैसे ज्यादा से ज्यादा फायदा उठा सकता है।

ज्यादा फिक्स्ड इनकम वाले साधनों में इन्वेस्ट करें: फिक्स्ड डिपॉजिट, रेकरिंग डिपॉजिट, पोस्ट ऑफिस स्कीम, सीनियर सिटिजन सेविंग्स स्कीम इत्यादि जैसे विभिन्न स्रोतों से मिलने वाले ब्याज पर छूट की सीमा 10,000 रुपए से बढ़ाकर 50,000 रुपए कर दी गई है। जिससे वरिष्ठ नागरिकों को 10,000 रुपए से ज्यादा ब्याज मिलने पर टैक्स भरने की चिंता किए बिना पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम जैसे ब्याज देने वाले साधनों में ज्यादा पैसा निवेश करने का मौका मिल गया है। सभी फिक्स्ड इनकम साधनों में 7 फीसदी ब्याज दर के हिसाब से हर तीन महीने पर चक्रवृद्धि की बात को ध्यान में रखते हुए, आप 50,000 रुपए की सीमा पार किए बिना 695,000 रुपए तक निवेश कर सकते हैं।

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बड़ा हेल्थ इंश्योरेंस कवरेज लें: इंश्योरेंस तो आपको लेना ही चाहिए, लेकिन इसे सिर्फ टैक्स बचाने वाले साधन के रूप में नहीं देखना चाहिए। इसका एकमात्र उद्देश्य किसी अप्रत्याशित परिस्थिति में जैसे मेडिकल इमरजेंसी या विकलांगता के दौरान आर्थिक सहारा प्रदान करना है। यदि आपने हेल्थ इंश्योरेंस नहीं लिया है तो अचानक कोई स्वास्थ्य संबंधी समस्या उत्पन्न हो जाने पर उसके पीछे आपकी पूरी कमाई खर्च हो सकती है। तेजी से बढ़ते मेडिकल खर्च को ध्यान में रखते हुए, सरकार ने हेल्थ इंश्योरेंस के प्रीमियम के लिए इस बजट में वरिष्ठ नागरिकों को कुछ टैक्स राहत देने की कोशिश की है। धारा 80D के तहत प्रीमियम पर छूट की सीमा को 30,000 रुपए से बढ़ाकर 50,000 रुपए कर दिया है। क्रिटिकल इलनेस इंश्योरेंस के प्रीमियम के लिए, 80DDB के तहत छूट की सीमा को बढ़ाकर 1 लाख रुपए कर दिया है। आश्रित वरिष्ठ नागरिकों के इलाज का खर्च या प्रीमियम देने वाले लोग भी इसका लाभ उठा सकते हैं।

प्रधानमंत्री वय वंदना योजना में निवेश करें: पिछले साल वित्त मंत्री द्वारा शुरू की गई इस योजना के अंतर्गत एलआईसी द्वारा पेंशन प्लान पर 8% का सुनिश्चित रिटर्न मिलता है। इस साल इस योजना में विस्तार करते हुए क्रय मूल्य को 7.5 लाख रुपए से बढ़ाकर 15 लाख रुपए कर दिया गया है जिससे पेंशनभोगियों को हर महीने 10,000 रुपए तक सुनिश्चित आय प्राप्त करने की अनुमति मिल जाती है। गिरती ब्याज दरों की दृष्टि से इसके गारंटीशुदा रिटर्न को देखते हुए यह योजना वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक आकर्षक उत्पाद है।

शॉर्ट टर्म डेब्ट म्यूचुअल फंड्स और बैलेंस्ड म्यूचुअल फंड्स में निवेश करें: म्यूचुअल फंड चुनने का विकल्प आपकी आमदनी के प्रवाह और जोखिम संबंधी भूख पर निर्भर होने के बावजूद, लिक्विड/शॉर्ट टर्म डेब्ट म्यूचुअल फंड्स, या डेब्ट-ओरिएंटेड बैलेंस्ड म्यूचुअल फंड्स में निवेश करने का सुझाव दिया जा सकता है। लिक्विड/शॉर्ट-टर्म डेब्ट फंड्स, फिक्स्ड डिपॉजिट से थोड़ा बेहतर रिटर्न देने के साथ-साथ आपके पैसे सुरक्षित भी रखते हैं। डेब्ट बैलेंस फंड्स के अंतर्गत आपके पैसे को फिक्स्ड इनकम वाले साधनों और इक्विटी में निवेश किया जाता है जिससे आपको लंबे समय में थोड़ा ज्यादा रिटर्न मिलता है।

इस तरह के फंड्स से टैक्स लाभ भी मिलता है। आपको 20.6% की दर से लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स पर इंडेक्सेशन लाभ मिलता है जिसकी गणना तीन साल पर या उससे ज्यादा समय बीतने पर की जाती है। इन प्रमुख योजनाओं के अलावा, वरिष्ठ नागरिक इस वित्तीय वर्ष में पेंशन से होने वाली आमदनी पर ज्यादा बचत कर सकते हैं क्योंकि सरकार ने हर आमदनी पर 40,000 रुपए की मानक कटौती की घोषणा की है।

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