car insurance: Know here important things about car insurance, why First-party, Second-party, Third-party (TP) insurance – पहली बार करा रहे हैं कार का इंश्‍योरेंस तो ध्‍यान में जरूर रखें ये 5 बातें

नई कार खरीदने के बाद फील गुड होता है। यह आपकी नई कार और ज्यादा लंबे समय तक नई रह सकती है, अगर आप एक कार इंश्योरेंस खरीद लें। लोगों में ऐसी धारणा बनी हुई है कि कार खरीदने के बाद कार का इंश्योरेंस कराना फिजूलखर्ची है। लोग कानून के डर की वजह से कार का इंश्योरेंस खरीदते हैं। जैसे आप कार खरीदने के लिए डीलर से मोलभाव करते हैं, वहीं दूसरे डीलर्स से भी कार की कीमत का पता करते हैं। ठीक वैसे ही आप कार का बीमा खरीदते वक्त भी कर सकते हैं। यह काम बहुत ही आसान है। इसके लिए आपको बस थोड़ी जानकारी की जरुरत है। चलिए हम बताते कि कैसे आप एक अच्छी पॉलिसी खरीद सकते हैं। कार इंश्योरेंस कंपनियों की पॉलिसीज में भी झोल होता है। आइये इससे जुड़ी कुछ जरुरी चीजें आपको बताते हैं।

फर्स्ट पार्टी और सेकेंड पार्टी: कार के मालिक को फर्स्ट पार्टी कहते हैं। उसी के नाम से इंश्योरेंस होता है, वहीं इंश्योरेंस करने वाली कंपनी को सेकेंड पार्टी कहते हैं।
थर्ड पार्टी (TP): तीसरी पार्टी कोई व्यक्ति या संगठन है जो दुर्घटना में बीमाकृत कार से प्रभावित होता है। अगर बीमाकृत कार से दूसरी कार प्रभावित होती है तो उस कार के मालिक थर्ड पार्टी बन जाते हैं।
ऑन डेमेज (OD): बीमाकृत कार या कार के मालिक को कार से कोई भी नुकसान होता है तो वह ऑन डेमेज माना जाता है।
नो क्लेम बोनस (NCB): अगर बीमाकृत कार के मालिक या थर्ड पार्टी सक्रिय पॉलिसी वर्ष में किसी क्लेम का दावा नहीं करते हैं, तो मालिक अगले साल की पॉलिसी लेने पर प्रीमियम में छूट के लिए हकदार होंगे।
इंश्योर्ड डिक्लेयर्ड वेल्यू: कार का वर्तमान बाजार मूल्य बीमाकृत घोषित मूल्य है। आईडीवी में मूल्यह्रास ( गाड़ी की घटती कीमत) शामिल है।

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पॉलिसी के प्रकार: कार बीमा दो प्रकार का हो सकता है, थर्ड पार्टी कार बीमा और व्यापक कार बीमा। मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के अनुसार थर्ड पार्टी कार बीमा अनिवार्य है। इसमें तीसरे पक्ष की देनदारियां शामिल हैं। एक थर्ड पार्टी की तुलना में एक व्यापक कार बीमा पॉलिसी प्रदाता व्यापक कवरेज देता है। थर्ड पार्टी कवर प्रदान करने के साथ-साथ, यह स्वयं के नुकसान के लिए वित्तीय सुरक्षा भी प्रदान करता है। इसके अलावा, चोरी, आग, सेल्फ-इग्निशन, प्राकृतिक और मानव निर्मित आपदाएं जैसी घटनाएं भी कवरेज का एक हिस्सा बनाती हैं।

ऐड ऑन पैक: इसके अलावा पॉलिसी में ऐड ऑन भी ले सकते हैं जैसे जीरो डेप्रिसिएशन, इस पॉलिसी के तहत गाड़ी की वैल्यू तय करने में डेप्रिसिएशन को शामिल नहीं किया जाता है। इससे अगर किसी हादसे या अन्य वजह से आपकी गाड़ी को नुकसान पहुंचता है तो बीमा कंपनी दावे की पूरी रकम का भुगतान करती है। इसके अलावा रोडसाइट असिसटेंस, रिटर्न टू इनवॉइस, इंजन प्रॉटेक्शन, NCB रिपोर्ट, गाड़ी में रखे सामान की हानि आदि के लिए भी पॉलिसी में ऐड ऑन मिलते हैं।

प्रॉडक्ट की तुलना करें: ऑनलाइन कार बीमा खरीदने से पहले, ऑनलाइन बीमा पॉलिसियों की तुलना करें। कंपनी द्वारा दी गई विभिन्न सुविधाओं की पेशकश और तुलना करने के समान प्रकार के कवरेज का चयन करें।

पॉलिसी रिन्यूअल: एक बार जब आपने सही कार बीमा पॉलिसी और एड-ऑन खरीदे हैं, तो आपको रिन्यूअल का ट्रैक रखना होगा। यह महत्वपूर्ण है क्योंकि पॉलिसी के खिलाफ कोई दावा नहीं उठाए जाने पर समय पर नवीकरण कार बीमा प्रीमियम पर छूट पाने में मदद करता है। यदि आप कार बीमा ऑनलाइन खरीदते हैं, तो नवीनीकरण को ट्रैक करना भी आसान होगा।

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