How to manage your money and fix and achieve future targets: here are 5 points to identify your goal and investment for future – पैसे जमा करने के लिए आप भी तो नहीं कर रहे ये 5 गलतियां, जानें क्या है इनसे बचने का तरीका

आदिल शेट्टी
क्या आप अपनी सारी बचत खोने के डर के साये में जीते हैं? क्या पैसे को अपने से जुदा करने में आपको तकलीफ होती है? क्या आप पैसे से जुड़े फैसले लेते वक्त उलझन में पड़ जाते हैं? ये सारे हालात, पैसे जमा करने की सनक की एक निशानी हो सकते हैं। हर इंसान अपनी लाइफ में अपने टारगेट को पूरा करने के लिए पैसे बचाना चाहता है। लेकिन, जब पैसे बचाने की आदत, इन टारगेट्स को पूरा करने के पार चली जाती है और घर पर पैसे जमा करने की आदत बन जाती है जिससे बुनियादी जरूरतों के साथ समझौता करने की आदत पड़ जाती है। तब इसे खतरे की घंटी के रुप में देखना चाहिए। आज हम आपको कुछ ऐसी ही निशानियों के बारे में बताने जा रहे हैं जिन पर आपको नजर रखनी चाहिए और खुद को इनसे दूर रखने के लिए कुछ उपाय भी बताए गए हैं।

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लाइफ स्टाइल से समझौता करना: क्या आप एक कार खरीदने से परहेज करते रहते हैं, परिवार के साथ छुट्टियों पर जाने में देरी करते रहते हैं, बच्चों की पढ़ाई की क्वालिटी से समझौता करते रहते हैं, सिर्फ इसलिए ताकि आप और ज्यादा पैसे बचा सकें? बिना सोचे समझे बचत करने के लिए अपनी वर्तमान जरुरतों से मुंह मोड़ने से बस आपकी लाइफ स्टाइल की क्वालिटी में कमी आएगी और कुछ नहीं। आप अपनी बचत दर को अपनी मासिक आमदनी के 30-40% तक सीमित रखकर इस परिस्थिति से बच सकते हैं। आपको इस पर जरुरत से ज्यादा ध्यान देने और अपने परिवार को और खुद को आर्थिक संकट में डालने की जरुरत नहीं है।

पैसे को खुद से अलग करने में होती है तकलीफ: पर्याप्त साधनों के होने के बावजूद, क्या आपको पैसे खर्च करने में तकलीफ होती है? यदि ऐसा होता है तो यह जमाखोरी का एक सुनिश्चित संकेत है। आपका पैसा किसी न किसी तरीके से खर्च करने के लिए ही है। लेकिन सबसे अच्छा यही होगा कि आपको अभी खर्च किए जाने वाले पैसे और भविष्य में खर्च किए जाने वाले पैसे के बीच में एक बैलेंस बनाकर रखना चाहिए। आपको उन अनुभवों और चीजों से वंचित रखने की जरुरत नहीं है जो आपको अपनी जिंदगी में मिल सकते हैं।

टारगेट के लिए जरुरत से ज्यादा पैसों का इंतजाम: क्या आप अपनी भावी जरुरतों के लिए पर्याप्त पैसे होने के बावजूद पैसे जमा करते रहते हैं? टारगेट के लिए जरुरत से ज्यादा पैसे जमा करने का मतलब है – आप अपने बेशकीमती पैसे को बर्बाद कर रहे हैं। इसका इस्तेमाल किसी और चीज के लिए किया जा सकता था। इससे निपटने का एक अच्छा तरीका यही है कि आपको बचत करने का काम शुरु करने से पहले अपने टारगेट फिक्स करने चाहिए, उसके बाद अपने निवेश क्षितिज और जोखिम भूख के आधार पर निवेश साधनों की पहचान करनी चाहिए। निवेश करने के बाद, आपको उसे बढ़ाने के लिए समय देना पड़ता है। दिशाहीन तरीके से निवेश करने या अपने निवेश को बढ़ाने से जरुरत से ज्यादा पैसे निवेश हो सकते हैं जिससे आपकी वर्तमान जरुरतें खतरे में पड़ सकती हैं।

निवेश करने से डरना: अपने पैसे को बढ़ाने के लिए, आपको उसे बाजार से जुड़े उत्पादों में निवेश करने की जरुरत है। इसमें कभी-कभी कुछ हद तक जोखिम भी होता है। यदि आप ऐसे साधनों में पैसे निवेश करने से परहेज करते हैं तो आप अपने पैसे की वृद्धि को सीमित कर रहे हैं और महंगाई से अपने पैसे की रक्षा नहीं कर रहे हैं। अंत में, आपके पैसे का मोल खत्म हो जाएगा।

अनजाने के लिए बचत: हर कोई अपनी भावी पीढ़ी के लिए जमीन-जायदाद छोड़ जाने की बात सोचता है लेकिन आप अपनी सारी कमाई, बचत और निवेश अपने बच्चों के कल्याण के लिए नहीं रख सकते हैं। यदि आपकी सारी बचत, किसी अनजाने भविष्य के लिए है तो इसका मतलब है कि आप बिना किसी मकसद के अपने वर्तमान से समझौता कर रहे हैं।
लेखक बैंक बाजार डॉट कॉम के सीईओ हैं।

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