पाक बौखलाया: भारत के 400 मुस्लिम युवक अफगानिस्तान में ले रहे आतंकी ट्रेनिंग, सीपीईसी पर कर सकते हैं हमला – Pakistan Internal Security Ministry, Gilgit-Baltistan’s home department, India, China-Pakistan Economic Corridor, CPEC, terror attack

पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा मामलों के मंत्रालय ने गिलगिट-बालटिस्तान सरकार को पत्र लिखकर आगाह किया है कि अरबों रुपये के निर्माणाधीन चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (सीपीईसी) पर भारत की बुरी नजर है और इस पर कभी भी आक्रमण कर तोड़फोड़ मचा सकता है। मंत्रालय ने इसके बावत फूलप्रूफ सुरक्षा इंतजाम करने के दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं, ताकि इस तरह की किसी भी अप्रत्याशित तोड़फोड़ से निपटा जा सके। पाकिस्तानी अखबार ‘डॉन’ ने गिलगिट-बालटिस्तान के गृह विभाग के एक अधिकारी के हवाले से लिखा है कि विभाग को पाकिस्तानी गृह मंत्रालय से इस संबंध में एक चिट्ठी प्राप्त हुई है जिसमें सीपीईसी पर आतंकी हमला होने का शक जताया गया है और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं।

अधिकारी ने ‘डॉन’ अखबार को बताया कि 28 जनवरी को पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा मंत्रालय ने एक पत्र (लेटर नंबर-221/IS2018) लिखा है, जिसमें दावा किया गया है कि भारत ने 400 मुस्लिम युवकों को अफगानिस्तान में आतंक की ट्रेनिंग लेने को भेजा है ताकि वो सीपीईसी पर हमला कर सकें। पत्र में सीपीईसी के अलावा काराकोरम हाई-वे और सीपीईसी रूट्स पर भी आतंकी हमले का शक जताया गया है।

बड़ी खबरें

केंद्रीय आंतरिक सुरक्षा मंत्रालय से हिदायत मिलने के बाद गिलगिट-बाल्टिस्तान सरकार ने सीपीईसी रूट समेत काराकोरम हाई-वे पर खुनजिराब दर्रे से लेकर दियामेर तक करीब दो दर्जन से ज्यादा रोड ब्रिज पर सुरक्षा बढ़ा दी है। इसके अलावा गिलगिट-बाल्टिस्तान सरकार के गृह सचिव जावेद अकरम, आईजी सबीर अहमद समेत कई बड़े पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने दियामेर जाकर सुरक्षा स्थिति का जायजा लिया है। वहां के एसएसपी ने इन अधिकारियों को सुरक्षा के इंतजामों के बारे में बताया।

प्रशासन और पुलिस के आला अधिकारियों ने जिले के सभी एसएचओ के साथ एक बैठक भी की है। बैठक में आईजी और गृह सचिव ने काराकोरम हाई-वे और सीपीईसी को बहुत ही संवेदनशील करार दिया और अधिकारियों को अलर्ट रहने को कहा है। अधिकारियों ने हर संदिग्ध वस्तु और संदिग्ध लोगों पर कड़ी नजर रखने और इलाके की सघन निगरानी करने के निर्देश दिए हैं।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App




Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *