इंडोनेशिया: जब तलाक की रकम देने 890 किलो सिक्के लेकर कोर्ट पहुंचा पति

<p style=”text-align: justify;”><strong>सोलो, इंडोनेशिया:</strong> शादी-शुदा रिश्तों में जब अलगाव का समय आता है तो कई बार ये बहुत कड़वाहट भरा होता है. ऐसे मामलों में शादी-शुदा जोड़ा अलग-अलग तरीकों से अपनी भड़ास निकालता है. इंडोनेशिया के ऐसे ही एक मामले में एक सिविल सेवक को जब उसकी पत्नी को तलाक के बाद की रकम देने को कहा गया तब वो 153 मिलियन इंडोनेशियाई रुपए (10,500 डॉलर) की रकम सिक्कों में लेकर पहुंच गया.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>सिक्कों का वजन 890 किलो</strong>
द्वी सुसिलाराटो नाम का ये व्यक्ति बृहस्पतिवार को जब कोर्ट पहुंचा तब उसके पास 10,500 डॉलर से अधिक की रकम के छोटी सिक्के में थे. इन सिक्कों का वजन 890 किलो के करीब बताया गया. सिक्कों के वजन की वजह से आप पत्नी को तलाक के बाद की रकम देने पहुंचे इस व्यक्ति की भड़ास का अंदाज़ा लगा सकते हैं.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>लड़ाई होते-होते रह गई</strong>
इसे लेकर सुसिलाराटो और उसकी पत्नी के वकील के बीच लड़ाई होते-होते रह गई. पत्नी के वकील ने तो पैसे गिनने तक से मना कर दिया. वहीं, सुसिलाराटो के वकील का कहना है कि उनका मुवक्किल किसी भी तरह से अपनी पत्नी हर्मी का निरादर करने की कोशिश नहीं कर रहा है.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>दोस्तों और परिवार ने दिए पैसे</strong>
आपको बता दें कि सुसिलाराटो नौ सालों से अपनी पत्नी को ये रकम नहीं दे पा रहा था. इसे इक्ट्ठा करने के लिए उसे अपने दोस्तों तक की मदद लेनी पड़ी. व्यक्ति के वकील ने कहा कि वो खुद भी अपने क्लाइंट द्वारा लाई गई इस रकम को देखकर अचंभे में था. बाद में उसने जानकारी दी कि सुसिलाराटो को ये पैसे उसके दोस्तों और परिवार वालों ने मदद के तौर पर दी थी और इसी वजह से ये रकम सिक्कों में है.</p>
<p style=”text-align: justify;”>हर्मी ने पैसे स्वीकार करते हुए कहा कि उन्हें अपने पति के बहानों पर भरोसा नहीं है. उसका कहना है, “ये मेरा अपमान करना है और मुझे ये जताना है कि मैं गरीब हूं.” आपको बता दें कि कोर्ट ने अपने स्टाफ से पैसे गिनने को कहा है.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>मास्टर स्ट्रोक का फुल एपिसोड।</strong> 24-8-2018- पाकिस्तान और अमेरिका आमने-सामने</p>
<code></code>

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *