Pope to meet the Bishops from world over, 3,677 cases of rape have been reported alone from a German Church

बर्लिन: दुनियाभर में चर्चों में यौन उत्पीड़न के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं. केरल के एक चर्च के पादरी पर नन के लगाए रेप के सनसनीखेज आरोपों के बाद जर्मनी में एक कैथोलिक चर्च के अंदर यौन उत्पीड़न पर एक रिपोर्ट ने सबको हिलाकर रख दिया है. साल 1946 से 2014 के बीच इस चर्च से इस तरह के 3,677 मामलों का ब्योरा दिया गया है. जर्मनी के दो मीडिया संस्थानों ने बुधवार को यह दावा किया.

स्पीजेल ऑनलाइन और डाई जेत ने कहा है कि आधे से अधिक पीड़ित 13 साल से या इससे कम उम्र के हैं और इनमें ज्यादातर लड़के हैं. दोनों साप्ताहिक ने बताया है कि हर छठा मामला बलात्कार का है और कम से कम 1670 धर्मगुरू इसमें शमिल थे.

क्या है केरल के नन का मामला

दुनियाभर में हो रही ऐसी घटनाओं के बीच भारत के केरल की एक नन से रेप का मुद्दा गर्म है. ननों ने रेप का आरोप झेल रहे जालंधर के बिशप जेम्स फ्रैंको मुलक्कल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. ये मामला भी वेटिकन सिटी तक पहुंच चुका है. बिशप फ्रैंको पर यौन शोषण का आरोप लगाने नन ने भारत के अपोस्टोलिक नुनेशिया गिय्मबटिस्टा डिक्वाट्रो को पोप के नाम चिट्ठी लिखी है. पोप के राजदूत नुनेशिया को लिखी चिट्ठी में नन ने अपनी तकलीफों का जिक्र करते हुए न्याय मांगा है.

पोप फ्रांसिस ने सभी बिशप को तलब किया

पोप फ्रांसिस ने दुनियाभर के सभी बिशप्स के अध्यक्षों को अगले साल फरवरी में होने वाले सम्मेलन में तलब किया है. इस सम्मेलन में पादरियों के यौन दुर्व्यवहार और बच्चों की सुरक्षा पर चर्चा होगी. पोप के इस कदम को लेकर कहा जा रहा है कि उन्हें यह महसूस हुआ है कि यह अनैतिक आचरण वैश्विक स्तर पर हो रहा है और अगर इस पर कार्रवाई नहीं की गई तो यह उनकी विरासत को धक्का लग सकता है.

फ्रांसिस के प्रमुख कार्डिनल सलाहकारों ने बुधवार को इस फैसले की घोषणा की. इसके एक दिन बाद पोप फ्रांसिस अमेरिकी कैथलिक चर्च के नेताओं से मुलाकात करेंगे. अमेरिका के कैथोलिक चर्च के नेताओं की छवि को दशकों से चर्च में चल रहे यौन अपराध के आरोपों और उसे ढंकने की कोशिश के हालिया प्रकरण से धक्का लगा है. फरवरी 21 से 24 के बीच वेटिकन में होने वाला सम्मलेन अपनी तरह का पहला सम्मेलन माना जा रहा है.

वेटिकन ने आर्कबिशप कार्लो मारिया विगेनो पर लगे आरोपों का जवाब नहीं दिया लेकिन उन्होंने “स्पष्टीकरण” का वादा किया जो शायद गुरुवार को अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के साथ फ्रांसिस की बैठक के बाद कुछ समय बाद आएगा. वेटिकन ने मंगलवार को कहा कि अमेरिकन कॉन्फ्रेंस ऑफ कैथलिक बिशप्स के अध्यक्ष कार्डिनल डेनियल डिनार्डो इस बैठक की अध्यक्षता करेंगे. पोप फ्रांसिस के शीर्ष यौन दुर्व्यवहार सलाहकार कार्डिनल सीन ओ मैली भी शामिल होंगे.

गौरतलब है कि आर्चबिशप कार्लो मारिया विगानो ने पिछले माह यह कहकर सनसनी मचा दी थी कि फ्रांसिस ने अमेरिकी कार्डिनल टी मैककैरिक के खिलाफ यौन शोषण के आरोपों की व्यक्तिगत तौर पर पांच सालों तक अनदेखी की. इसी के साथ विगानो ने पोप के पद से हटने की भी मांग की. विगानो वॉशिंगटन में वेटिकन के राजदूत रह चुके हैं. वहीं फ्रांसिस ने आरोपों पर अब तक कुछ भी कहने से इनकार किया है.

वेटिकन ने गुरुवार को होने वाली बैठक का ब्योरा नहीं दिया लेकिन डिनार्डो ने 27 अगस्त को कहा था कि विगानो की ओर से उठाए गए प्रश्नों का निर्णायक और साक्ष्यों पर आधारित उत्तर जरूरी है.

ये भी देखें

घंटी बजाओ: गन्ना किसानों पर योगी जी की उल्टी वाणी ! गन्ना छोड़ किसान क्यों बेचें सब्जी ?

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *