India calls Pakistani allegations an insult to the School Kids Killed in 2014 in country Peshawar School Attack

संयुक्त राष्ट्र: भारत ने 2014 पेशावर स्कूल नरसंहार मामले में भारत के खिलाफ झूठे आरोप लगाकर मारे गए बेकसूर बच्चों की याद का शोषण और अपमान करने के पाकिस्तान के ‘बकवास’ प्रयास की निंदा की है. भारतीय राजनयिक एनम गंभीर ने शनिवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा से कहा, “पाकिस्तान के विदेश मंत्री (शाह महमूद कुरैशी) द्वारा लगाए गए घृणास्पद आरोप उस दिन आतंकियों का निशाना बने बेकसूर जिंदगियों की याद को अपमानित करते हैं.”

कुरैशी ने दावा किया था कि पाकिस्तान तालिबान द्वारा किए गए हमले के पीछे भारत का हाथ था, जिसकी एनम ने निंदा की. कुरैशी के भाषण पर जवाब देने के अधिकार का प्रयोग करते हुए उन्होंने कहा, “यह आतंक के उस राक्षस से ध्यान भटकाने का एक हताशा भरा प्रयास है, जिसे पाकिस्तान ने पड़ोसियों को अस्थिर करने और उनके क्षेत्र के लोभ में खुद पैदा किया है.”

उन्होंने कहा, “मैं पाकिस्तान की नई सरकार को याद दिलाना चाहती हूं कि 2014 में बेकसूर स्कूली बच्चों के नरसंहार के बाद भारत में किस हद तक गम और दर्द की लहर फैल गई थी.” भारत की संयुक्त राष्ट्र मिशन की काउंसलर ने कहा, “भारतीय संसद के दोनों सदनों ने भी मारे गए बच्चों को याद किया था और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की थी. साथ ही भारत के सभी स्कूलों में इस घटना में मारे गए बच्चों की याद में दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई थी.”

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने क्षेत्र में आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए महासभा में इस्लामाबाद पर जमकर हमला बोला था, जिसके बाद कुरैशी ने महासभा में अपनी बात रखी. सुषमा ने आतंकवाद के रक्षक और समर्थक के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने पर विश्व में इसकी आग फैलने की चेतावनी दी थी.

कुरैशी ने पाकिस्तान को आतंकवाद से पीड़ित राष्ट्र के रूप में चित्रित किया और पेशावर घटना को लेकर यह दावा किया. उन्होंने भारतीय कुलभूषण जाधव का मामला भी उठाया जिन्हें पाकिस्तानी अदालत ने आतंकवाद और जासूसी के आरोप में फांसी की सजा सुनाई हुई है. भारत जाधव पर लगे आरोपों को बेबुनियाद बताता रहा है और उसने मामले को अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय में उठाया है.

कुरैशी ने दावा किया था कि पाकिस्तान ने आतंकवाद के खिलाफ प्रगति का क्रम जारी रखा हुआ है. एनम गंभीर ने कुरैशी के दावे को तथ्यों पर चुनौती दी. एनम ने कहा, “क्या पाकिस्तान इस सच्चाई से इंकार कर सकता है कि वह संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद प्रतिबंध 1267 और 1988 प्रावधान के तहत आतंकी सूची में शामिल 132 आतंकियों और 22 आतंकी संगठनों को अब तक पनाह दिए हुए है?”

उन्होंने कुरैशी को चुनौती दी, “क्या पाकिस्तान यह स्वीकार करेगा कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा आतंकवादी घोषित हाफिज सईद पाकिस्तान में खुलेआम घूमता है और वहां चुनावों में अपने उम्मीदवार खड़े करता है?” सईद 2008 मुंबई हमले का मास्टरमाइंड है. मुंबई हमला पाकिस्तान के लश्कर ए तैयबा ने किया था, जिसमें 164 लोगों की मौत हुई थी. इसके अलावा सईद 2006 मुंबई ट्रेन विस्फोट और 2001 में भारतीय संसद पर हमले का भी आरोपी है.

भारत ने आतंकियों द्वारा तीन सुरक्षा कर्मियों की हत्या के बाद न्यूयॉर्क में कुरैशी और स्वराज के बीच प्रस्तावित वार्ता को रद्द कर दिया था. गंभीर ने कहा कि पाकिस्तानी आतंकियों द्वारा हमारे सुरक्षा कर्मियों की वीभत्स हत्या को कुरैशी ने ‘वार्ता को रद्द करने के लिए तुच्छ आधार’ बताने जैसे शब्द का प्रयोग किया. उन्होंने कहा, “यह पाकिस्तान के लिए कुछ महत्व न रखता हो लेकिन भारत में प्रत्येक जान गंवाने वाले जवान को महत्व दिया जाता है.”

गंभीर ने कहा कि पाकिस्तान द्वारा मानवाधिकार का चैंपियन बनने बात करना ‘शाब्दिक दोमुंहेपन की श्रेष्ठ मिसाल है.’ उन्होंने कहा, “प्रिंसटन के अर्थशास्त्री आतिफ मियां के उदाहरण से इस बात को समझा जा सकता है. उन्हें आर्थिक सलाहकार परिषद से सिर्फ इसलिए हटा दिया गया क्योंकि वह अल्पसंख्यक अहमदिया समुदाय से ताल्लुक रखते हैं.” उन्होंने घोषणा करते हुए कहा, “मैं पाकिस्तान की नई सरकार से यह स्पष्ट कर देना चाहती हूं कि जम्मू एवं कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है और हमेशा रहेगा.”

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