United States has suspended USD 1.66 billion in security assistance to Pakistan

वॉशिंगटन: पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान की तीखी आलोचना की जिसके बाद उनके देश ने पाकिस्तान को एक और करारा झटका दिया है. अमेरिका ने पाकिस्तान को सुरक्षा सहायता के तहत दी जाने वाली 1.66 बिलियन डॉलर (1,18,21,69,00,000 रुपए) की राकम पर रोक लगा दी है. पेंटागॉन का कहना है कि ये ट्रंप के निर्देश पर किया गया है. ये निर्देश साल की शुरुआत में आया था.

एक मेल पर भेजे गए सवाल के जावब में डिफेंस डिपार्टमेंट के प्रवक्ता कर्नल रॉब मैनिंग ने कहा, “पाकिस्तान को दी जाने वाली 1.66 बिलियन डॉलर की सहायता को सस्पेंड कर दिया गया है.” हालांकि, इसके बारे में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी गई. एक और अधिकारी के मुताबिक ये पाकिस्तान को लेकर अमेरिका की उस बढ़ती निराशा को दिखाता है जो इस साल जनवरी में शुरू हुई थी.

अधिकारी ने कहा, “अभी तक पाकिस्तान ने अमेरिका की चिंताओं का निवारण करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया है. पाकिस्तान अपने पड़ोसियों के खिलाफ होने वाली हिंसा को अक्सर बढ़ावा देता आया है.” उन्होंने कहा कि पाकिस्तान सहायता करने के वादे करता आया है लेकिन ऐसा करने में नाकाम रहा है जिससे ट्रंप और अमेरिकी लोग बुरी तरह से निराश हैं.

इसके पहले दुनिया के सबसे शक्तिशाली देश अमेरिका ने एक बार फिर पाकिस्तान को लताड़ लगाई थी. ट्रंप ने पाकिस्तान को करोडों डॉलर की सैन्य सहायता रोके जाने के अपने प्रशासन के फैसले का बचाव भी किया. इसी सिलसिले में उन्होंने रविवार को कहा कि पाकिस्तान अमेरिका के लिए कोई काम नहीं करता और वहां की सरकार ने अलकायदा सरगना ओसामा बिन लादेन को छिपने में मदद की थी.

ट्रंप ने फॉक्स न्यूज को दिए गए एक इंटरव्यू में लादेन और पाकिस्तान के एबटाबाद में उसके पूर्व ठिकाने का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘जरा सोचिए…आप जानते हैं कि पाकिस्तान में रहना, पाकिस्तान में अच्छे से रहना…मुझे लगता है कि उन्होंने इसे अच्छा भवन समझा होगा. लेकिन मैंने इससे बेहतर देखे हैं.’’

उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन पाकिस्तान में सैन्य अकादमी के ठीक बगल में रहना…पाकिस्तान में हर कोई जानता था कि वो वहां पर है और हम पाकिस्तान को एक साल में 1.3 अरब डॉलर दे रहे थे…लादेन पाकिस्तान में रह रहा था, हम पाकिस्तान का समर्थन कर रहे थे. हम उन्हें एक वर्ष में 1.3 अरब डॉलर (1,73,51,10,00,000.00 पाकिस्तानी रुपए) दे रहे थे…जो हम उन्हें अब नहीं दे रहे हैं. मैंने इसे समाप्त कर दिया क्योंकि वो हमारे लिए कुछ नहीं करते.’’

आपको बता दें साल 2011 में अमेरिका की नेवी सील ने पाकिस्तान के एबटाबाद में एक ऑपरेशन किया था. इसी ऑपरेशन में तब के विश्व का सबसे बड़ा आतंकवादी लादेन मारा गया था. वहीं, ट्रंप का ये हमला उनकी उस बातचीत के महज़ दो हफ्ते पहले आया है जो पीएम नरेंद्र मोदी के साथ अर्जेंटीना में होनी है. आपको ये भी बता दें कि पाक समर्थित आतंकवाद की वजह से भारत ने पाकिस्तान के साथ बातचीत बंद कर रखी है.

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