Two years after a girl joined ISIS with family, her sister with family among 10 missing

कण्णूर: ये दो साल पहले की बात है. केरल के मोहम्मद कुन्ही की पांच बेटियों में से तीसरी बेटी, उसके पति और तीन बच्चों ने सीरिया में ISIS को ज्वाइन कर लिया था. 67 साल के कुन्ही दर्द भरे इंतज़ार में अपने दिन निकाल ही रहे थे कि उन्हें एक और तगड़ा झटका लगा. उनकी एक और बेटी, दामाद और उनके तीन बच्चे रहस्यमई परिस्थितियों में गायब हो गए हैं.

इंडियन एक्सप्रेस में छपी एक ख़बर के मुताबिक पुलिस ने इसकी पुख्ता जानकारी दी है कि कुन्ही की चौथी बेटी नफसीला, उसका पति अनवर और उनके तीन बच्चे ईरान चले गए हैं. उन्होंने कथित तौर पर ऐसा इसलिए किया है ताकि वहां से अफगानिस्तान और सीरिया में घुसकर ISIS का हिस्सा बन सकें.

ये सभी उन 10 लोगों में शामिल हैं जो केरल के कण्णूर ज़िले से पिछले महीने देश के बाहर चले गए ताकि ISIS ज्वाइन कर सकें. इनमें बच्चे भी शामिल हैं. कुन्ही के ऊपर ये किसी सदमे के पहाड़ सा टूटा है. वो कहते हैं, “मुझे बच्चों की बहुत याद आती है. वो हमारे घर और ज़िंदगी को ख़ुशी से भर देते थे.”

कुन्ही ने ये जानकारी भी दी कि घर छोड़ने से पहले नफसीला का चौथा बच्चा होने वाला था. वो ये भी बताते हैं कि उन्हें इस बात की भनक तक नहीं लगी. यूएई में ड्राइवर का काम करने वाला अनवर एक महीने की छुट्टी पर केरल आया था. 19 नवंबर को वो नफसीला और बच्चों के साथ बेंगलुरु में छुट्टी मनाने के बहाने निकल गया.

कुन्ही कहते हैं, “मेरे दामाद ने दो दिनों में वापस आने का वादा किया था. लेकिन जब वो नहीं आया और काफी दिनों तक हमारा कोई संपर्क नहीं हुआ तो मैंने पुलिस को इत्तेला कर दी.” जिस बात ने कुन्ही को पुलिस को इत्तेला करने को मजबूर किया वो उनके तीसरी बेटी की दो साल पहले की कारिस्तानी थी.

दो साल पहले फौज़िया, उसके पति और तीन बच्चे कथित तौर पर आईएसआईएस में शामिल होने सीरिया चले गए. सिक्योरिटी एजेंसी ने पिछले साल इस बात की पुख़्ता जानकारी दी कि इनमें से तीन (पति और दो बेटों) की मौत हो गई है. कुन्ही कहते हैं कि उन्हें उम्मीद है कि बाकी लोग अभी ज़िंदा हों.

पुलिस का कहना है कि शमीर और अनवर दक्षिणपंथी पाप्युलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया के सदस्थ और पक्के दोस्त थे. जब कुन्ही नफसीला के लिए दुल्हा खोज रहे थे तो शमीर ने ही अनवर का नाम आगे बढ़ाया था. यहां से कुछ किलोमीटर दूर अनवर के घर पर उनके पिता बताते हैं कि मंगलवार को यूएई से उनके बेटे का व्हाट्सएप कॉल आया था. वो आगे कहते हैं कि तब से उनका फोन ऑफ़ है, पता नहीं उसे क्या हुआ.

कुन्ही कहते हैं कि बीते दिनों उनके दामाद का हाव भाव बदल गया था. वो कहते हैं, “अनवर की सबसे बड़ी बेटी का दाख़िला पहली कक्षा में होना था लेकिन उसने अपनी बेटी को स्कूल की जगह मदरसे में भेज दिया. जब मैंने उससे पूछा तो उसने कहा कि इस उम्र के बच्चे के लिए धामर्कि शिक्षा काफी है.”

कुन्ही कहते हैं कि अनवर ने पास की मस्जिद में बिना किसी कारण के नमाज पढ़ना भी बंद कर दिया था. पुलिसा का कहना है कि उन्हें सुरक्षा एजेंसियों से इसकी पुख़्ता जानकारी मिली है कि हाल में लाापता हुए ऐसे लोग ईरान गए हैं तााकि वहां के रास्ते सीरिया या अफगानिस्तान जाकर ISIS का हिस्सा बन सकें.

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