China: Muslims are under invasive Surveillance in Xinjiang Province during Ramadan 2018 – रमजान के महीने में यहां मुसलमानों पर कड़ी नजर रख रहा चीन!

रमजान के दौरान चीन अपने एक प्रांत में मुसलमानों पर कड़ी निगरानी रख रहा है। शिंग्जियांग प्रांत में चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) के कैडर इस काम को करने में जुटे हैं। वे शिंग्जियांग ओइगर ऑटोनॉमस रीजन (एक्सयूएआर) में सामाजिक स्थिरता बरकरार रखने के लिए ऐसा कर रहे हैं। ह्युमन राइट्स वॉच (एचआरडब्ल्यू) की इसी हफ्ते आई रिपोर्ट में इस बाबत दावा किया गया है।

रिपोर्ट में कहा गया है, “री-एजुकेश्नल कैंपों में दौरों के बीच अधिकारी मुसलमानों से उनकी जिंदगी और राजनीतिक विचारों के बारे में पूछताछ करते हैं। एक तरह से वे उनका ‘राजनीतिक शुद्धिकरण’ करना चाहते हैं।” एचआरडब्ल्यू की रिसर्चर माया वैंग ने बताया कि शिंग्जियांग में रहने वाले मुस्लिम परिवार इस वक्त अपने ही घर में कड़ी निगरानी के बीच रहने को मजबूर हैं। यहां तक कि वह क्या खाते और कब सोते हैं, इस बारे में सीपीसी को खबर रहती है।

शिंग्जियांग में अधिकारियों के आदेश पर तकरीबन दो लाख कैडर इस काम को करने में जुटे हैं। ये कैडर सरकारी एजेंसियों, राज्य आधारित उद्यमों और सार्वजनिक संस्थानों से तैयार किए गए हैं। बताया जाता है कि वे यह काम साल 2014 से कर रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, फांगहुइजू नाम की मुहिम के तहत यहां पर सामाजिक स्थिरता बनाए रखने की कोशिश की जा रही है। यह मुहिम उसी के अंतर्गत चलाई जा रही है।

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वहीं, एक अन्य रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि यहां पर हजारों मुसलमानों को री-एजुकेशन कैंपों में रखा गया है। जर्मनी के कॉर्नटल स्थित यूरोपियन स्कूल ऑफ कल्चर एंड थिओलॉजी के एड्रियन जेंज की रिपोर्ट की मानें तो प्रांत में मुस्लिम परिवारों की निगरानी रखे जाने के कारण, वे एक तरह से री-एजुकेश्नल कैंपों में रह रहे हैं। जेंज इसे सांस्कृतिक क्रांति के बाद की सबसे तीव्र मुहिम मानते हैं, जिसके जरिए सोशल इंजीनियरिंग को अंजाम दिया जा रहा है।

उधर, चीन के विदेश मंत्रालय ने इस बारे में जानकारी होने से इन्कार किया है। चीनी सरकार इससे पहले लगातार इस्लामिक चरमपंथियों को शिंग्जियांग में सरकारी अधिकारियों व पुलिस वालों को निशाना बनाने और हिंसा फैलाने के लिए जिम्मेदार ठहराती रही है।

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