Former Us state employee Michelle Lyons witnesed 300 death executions in her carrier – महिला जिसने 300 अपराधियों को मौत के घाट उतरते देखा

आज से करीब 18 साल पहले मिशेल ल्योंस ने रिकी मैकगिन को मरते हुए देखा था। लेकिन ये घटना आज भी उन्हें रुला देती है। जिसकी उन्हें कम ही उम्मीद थी, उन्होंने मैकगिन की मां को देखा। रविवार को वह आईं और उन्होंने डेथ चेम्बर के शीशे पर अपने हाथ को दबाया। उन्होंने अपने बेटे को मरते हुए भी देखा और उसकी फेयरवेल पार्टी को भी।

12 सालों तक ल्योंस एक अखबार में रिपोर्टर थीं, लेकिन उसके बाद वह टैक्सॉस के आपराधिक न्याय विभाग की प्रवक्ता बन गईं। ये ल्योंस की नौकरी का हिस्सा था कि वह हर मौत की सजा पाने वाले को मौत के घाट उतरता देखें। साल 2002 से 2012 के दौरान ल्योंस ने करीब 300 आदमियों और औरतों को मौत के तख्ते पर मरता हुआ देखा है। उनकी हिंसक जिन्दगी का अंत बेहद ही खामोश होता था। दो सुई लगते ही मौत उन्हें अपने आगोश में ले लेती थी।

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ल्योंस ने अपनी पहली मौत की सजा 22 साल की उम्र में देखी थी। जेवियर क्रूज को मरता देखने के बाद उन्होंने अपने दस्तावेज में लिखा, ‘मैं बिल्कुल ठीक हूं। क्या मुझे परेशान होना चाहिए? मुझे लगता है कि क्रूज के बजाय मेरी संवेदनाएं उन दो बुजुर्गों के साथ होनी चाहिए, जिन्हें जेवियर क्रूज ने हथौड़े से कुचलकर मार डाला था। लोगों के मृत्युदंड का गवाह बनना मेरी नौकरी का हिस्सा है।’ ल्योंस ने अपनी उन्हीं यादों का लेखा—जोखा अपनी प्रकाशित किताब ‘डेथ रो : द फाइनल मिनट्स’ में किया है।

ल्योंस कहती हैं, ‘मैं मौत की सजा के पक्ष में थी। मेरा मानना था कि कुछ अपराधों के नियंत्रण के लिए ये सबसे सही सजा है। मैं नौजवान थी, इसलिए मुझे दुनिया में सब कुछ सिर्फ सही या फिर गलत ही लगता था। अगर मैं ये सोचती कि मृत्युदंड के वक्त मुझे कैसा महसूस होता था, तो ये मुझे ढेर सारे विचार दे जाता था। क्या अब मैं कभी उस कमरे में जाने की हिम्मत कर पाउंगी, महीने दर महीने या फिर साल दर साल।

1924 तक अमेरिका में सरकार द्वारा दिया जाने वाला हर मृत्युदंड टेक्सॉस शहर के हंट्सविले में दिया जाता था। हंटसविले में कुल सात जेल थीं। इसी में वॉल्स युनिट भी शामिल थी, जिसमें विक्टोरिया काल की वो इमारतों भी थीं, जिन्हें मौत का चेम्बर कहा जाता था। साल 1972 में सुप्रीम कोर्ट ने मृत्यु दंड को प्रतिबंधित कर दिया था। कोर्ट का मानना था कि ये निर्मम और सजा देने का गैरजरूरी तरीका है। लेकिन कुछ ही महीनों में स्टेट की सरकारों ने दोबारा इसे लागू करने के लिए कानून बना लिए। टेक्सॉस में दो साल बाद मृत्यु दंड का विधान वापस लौट आया। सरकार ने मौत की सजा देने के लिए घातक जहर के इंजेक्शन को कारगर तरीका माना। 1982 में चार्ली ब्रुक जहर के इंजेक्शन से मृत्यु दंड पाने वाला पहला अपराधी था।

लेकिन मृत्युदंड के खौफ ने हंट्सविले को ईमानदार बना दिया। उसने सरकारी मृत्युदंड की सजा पाने वालों की राजधानी का खिताब हासिल कर लिया। कुछ युरोप के पत्रकार कस्बे में मौत की सजा बांटने पर मतभेद रखते हैं। लेकिन हंटसविले की पहचान कुछ और भी है। हंट्सविले साफ—सुथरा और छोटा कस्बा है। ये चारों तरफ से खूबसूरत चीड़ के पेड़ों और चर्च से घिरा हुआ है। शहर में रहने पर आपको ऐसा अहसास भी नहीं होगा कि ये जगह बुरे लोगों का आखिरी मुकाम भी है। साल 2000 में टैक्सॉस में 40 लोगों को मृत्युदंड दिया गया। ये किसी एक राज्य के द्वारा दी गई मौत की सजाओं का एक रिकॉर्ड था। ये पूरे युनाइटेड स्टेट को मिलाकर निकलने वाले आंकड़े से भी अधिक था।

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